• मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय में दो दिवसीय डीएसएआई का हुआ समापन
• डीएसएआई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में ऑनलाइन विदेशी मेहमान भी हुए शामिल
एनई न्यूज भारत,गोरखपुर : डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में सार्थक चर्चा के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन ने शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को डेटा विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
सम्मेलन की मुख्य बातें : दो दिवसीय सम्मेलन में मुख्य विशेषताएं का व्याख्यान किया,शोध पत्र प्रस्तुतियाँ, पैनल चर्चाएँ और कार्यशालाएँ हुईं। जिनमें प्रमुख वक्ताओं ने एआई के अनुप्रयोग जिनमें डेटा प्रोसेसिंग, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और नैतिकता पर विचार साझा किया गया। कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने बताया "मानव का दिमाग सबसे बड़ा कंप्यूटर है" हम सभी को एआई शोधकर्ताओं को इसका अध्ययन कर ही एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए एआई के सहयोग और नवाचार की आवश्यकता पर ध्यान देना चाहिए।
समापन सत्र एवं भविष्य की संभावनाएँ : समापन सत्र में विशेषज्ञों ने एआई और डेटा साइंस के भविष्य को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने इस क्षेत्र में नवाचारों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही। इस सम्मेलन ने शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए एक प्रभावशाली मंच प्रदान किया। प्रतिभागियों ने सम्मेलन के दौरान प्राप्त ज्ञान और चर्चाओं को अपने अनुसंधान और व्यावसायिक प्रयासों में शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. (डॉ.) उदय शंकर ने अपने धन्यवाद आभार में बताया , "मैं अपने आदरणीय कुलपति डॉ. जे. पी. सैनी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके मार्गदर्शन और समर्थन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया। और मुख्य अतिथि के तौर पर प्रो. मुकुल शरद सुताओने, निदेशक, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद, का बहुत बहुत आभार व्यक्त हूँ, जिन्होंने अपने प्रेरणा दायक विचारों से हम सभ से साझा किया।
अंत में बताया "इस सम्मेलन को सफल बनाने में मेरे सहयोगी डॉ. के. वी.आर्या, डॉ. अंशुल वर्मा, डॉ. अजय कुमार, डॉ. जे. सी. बंसल, डॉ. बृज कुमार गुप्ता, डॉ. सर्वेश पांडेय, डॉ. उदया डैम्पेज और डॉ. अक्षी कुमार का अमूल्य योगदान रहा है। "मैं विशेष आभार डॉ. बी. के. शर्मा,डॉ. श्वेत केतु, डॉ. राम कुमार, डॉ. सात्विक वत्स, डॉ. विपुल नारायण और संजय कुमार का भी प्रकट करता हूँ, जिनके बहुमूल्य योगदान के बिना यह कार्यक्रम असंभव था।