चिकन नेक कॉरिडोर को अलग करने के लिए सिलीगुड़ी के क्षेत्र पर ड्रैगन और बंगलादेश की नजर
इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौतियां हो सकती हैं, लेकिन दृढ़ संकल्प और इनोवेशन से सब कुछ संभव
एनई न्यूज भारत, सिलीगुडी
भारत के पूर्वोत्तिर क्षेत्रों में तेजी हो रहे इन्फ्रांस्टैेक्चरर के विकास को देखते हुए पड़ोसी मुल्के चीन ने वाया बंगलादेश से भारत को घेरने की साजिश रच रहा है। हालांकि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के चीनी दौरे पर ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर लेकर दिए गए बयान सेसाबित हो गया है वह पूरी तरह से भारत विरोधी हैं, हालांकि मोहम्मद यूनुस भारत विरोधी छवि पहले से जगजाहिर है। वहीं उनके आपत्ती जनक बयान को देखते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मोहम्मद यूनुस के बायान को “अपमानजनक” और “निंदनीय” करार दिया। उन्होंने कहा, मोहम्मद यूनुस के इस तरह के उकसावे वाले बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि ये गहरी रणनीतिक सोच और लंबे समय से चली आ रही योजनाओं को दर्शाते हैं। दरअसल बांग्लादेश सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने चार दिवसीय चीन के यात्रा के दौरान बीजिंग को चिकन नेक इलाके में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया है। मोहम्मद यूनुस ने कहा कि भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों को सेवन सिस्टर्स के रूप में जाना जाता है। यह एक भूमि से घिरा क्षेत्र है, जिसकी समुद्र तक कोई पहुंच नहीं है। सिर्फ बांग्लादेश ही ड्रैगन के लिए समुद्र तक पहुंच का मार्ग है। उन्होंने कहा आगे कहा कि यह एक बड़ी संभावनाओं का द्वार खोलता है और इससे चीन की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर मिलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बताते चलें कि इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को धमकी दी, कहा था कि रूस से तेल खरीदने वालों को हम बर्बाद कर देंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्लान में सब टायं-टायं फिस्सं हो गया। इसी प्रकार बांग्लादेश के बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि बांग्लादेश की तथाकथित अंतरिम सरकार के मोहम्मद यूनुस द्वारा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों पर दिए गए बयान पूरी तरह से अपमानजनक और निंदनीय है। यह बयान भारत के ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की भौगोलिक संवेदनशीलता को दर्शाता है।”सीएम सरमा ने कहा कि, पूर्वोत्तर को मुख्यभूमि भारत से जोड़ने के लिए मजबूत रेलवे और सड़क नेटवर्क विकसित करना अनिवार्य है। इतिहास में भारत के कुछ आंतरिक तत्वों ने भी इस महत्वपूर्ण मार्ग को काटकर नॉर्थईस्ट को मुख्यभूमि से अलग करने का खतरनाक सुझाव दिया था। असम सीएम ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार से अपील की कि “चिकन नेक” कॉरिडोर के नीचे और आसपास मजबूत रेल और सड़क नेटवर्क विकसित किया जाए। इसके अलावा उन्होंने वैकल्पिक सड़क मार्गों की खोज पर जोर दिया, जो नॉर्थईस्ट को मुख्यभूमि से जोड़े और “चिकन नेक” को बायपास करे। हालांकि इसमें इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौतियां हो सकती हैं, लेकिन दृढ़ संकल्प और इनोवेशन से यह संभव है।