बीएसएफ ने भारत-बांग्लादेश सीमा से देसी हथियार (देसी कट्टा) और मवेशियों के किया बरामद
एनई न्यूज भारत, सिलीगुड़ी
सीमा सुरक्षा बल उत्तर बंगाल फ्रंटियार के सिलीगुडी सेक्टर की 18 बीएन बीएसएफ के जवानों ने जान पर खेलकर मवेशी तस्करी को नाकाम कर दिया। जवान पर हमले के बावजूद बीएसएफ के जवानन ने तस्कर को दबोचने में सफलता हासिल की।जवनों ने घायल अवस्था में मवेशी तस्कर भारतीय तस्कर मोहम्मद मुजफ्फर हुसैन निवासी मुरीखावा, हल्दीगाछ, थाना फांसीदेवा दार्जिलिंग को दबोचा इसके साथ ही एक पिस्तौल, एक जिंदा राउंड बरामद किया।
बीएसएफ से मिली जानकारी के अनुसार भारत से बांग्लादेश में मवेशियों की तस्करी करने के इरादे से साथियों और मवेशियों के साथ आईबीबीएफ की ओर बढ रहा था। मवेशियों को प्राप्त करने के लिए बांग्लादेशियों का एक दल भी बाड़ के आगे के इलाके में था। गश्ती दल द्वारा चुनौती दिए जाने पर कुछ तस्करों ने मवेशियों के साथ भागने का प्रयास किया। जब जवानों ने पीछा किया और मवेशियों को जब्त कर लिया। उसी समय, एक छिपे हुए तस्कर ने अचानक एक बीएसएफ जवान पर जान से मारने की नीयत से पिस्तौल से गोली चला दी। वहीं जब एक जवान ने उसे पकडने का प्रयास किया, तो तस्करों ने हमला कर दिया और जिससे बीएसएफ जवान के सिर पर हथियार से गंभीर चोट लग गई और घायल कांस्टेबल का गला घोंटने का प्रयास किया गया। सिर में चोट लगने के बावजूद कांस्टेबल ललित राउत ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए उसे जाने नहीं दिया और तब तक हाथापाई जारी रखी जब तक कि टीम के अन्य सदस्य सहायता के लिए नहीं आ गए। इस बीच मवेशियों को जब्त कर शिविर की ओर जा रहे जवानों ने हमलावर तस्कर को काबू कर लिया और उसे एक पिस्तौल, एक जिंदा राउंड, एक की पैड मोबाइल और चार मवेशियों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पकडे गए भारतीय तस्कर का सीमा से संबंधित आपराधिक गतिविधियों का इतिहास रहा है। पकडे गए भारतीय तस्कर को जब्त सामान के साथ आगे की जांच के लिए दार्जिलिंग जिले के थाना फांसीदेवा को सौंप दिया गया। वहीं दूसरी ओर पिछले पखवाडे में, बीएसएफ उत्तर बंगाल फ्रंटियर ने बीएसएफ उत्तर बंगाल फ्रंटियर के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र के तहत विभिन्न स्थानों से 60 मवेशी, 3100 बोतल कोडीन आधारित सिरप, 17.500 किलोग्राम गांजा और अन्य प्रतिबंधित सामान जब्त किए। उपरोक्त जब्त सामान की कीमत 23,04,998 रुपये है। बीएसएफ भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी और घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।