अंर्तराष्ट्रीय सीमा पर अलर्ट मोड में बीएसएफ

पश्चिम बंगाल में बीएसएफ का बड़ा एक्शन, मवेशी तस्करों पर कसा शिकंजा

एनई न्यूज भारत, मालदा/नदिया/मुर्शिदाबाद/उत्तर 24 परगना
बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के सतर्क जवानों ने भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से तस्करी के कई प्रयासों को नाकाम किया। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों में बीएसएफ ने तस्करों के चंगुल से 16 मवेशियों को मुक्त कराया, साथ ही 851 प्रतिबंधित फेंसेडिल की बोतलें, 12.15 किलोग्राम गांजा और अवैध रूप से ले जाए जा रहे 16 फिश पिन बॉल भी जब्त किए।
24-25 मार्च की मध्यरात्रि को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की 88वीं वाहिनी की सीमाचौकी एचसीपुर में रात्रि द्वितीय शिफ्ट के दौरान तैनात एक जवान ने भारत की ओर से 3-4 तस्करों को मवेशियों के साथ सीमा रेखा की ओर तेजी से बढ़ते हुए देखा। जवान ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए अपने साथी जवानों को अलर्ट किया और तस्करों की ओर दौड़कर उन्हें रुकने की चुनौती दी। तस्करों ने चेतावनी को नजरअंदाज किया और हाथ में धारदार हथियार लिए आक्रामक तरीके से मवेशियों को सीमा रेखा की ओर ले जाने लगे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जवान ने आत्मरक्षा और अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षित दूरी से पीएजी के दो राउंड फायर किए। गोलियों की आवाज से घबराए तस्कर हड़बड़ाहट में मवेशियों को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए तेजी से भारत की ओर भाग निकले। इलाके की गहन तलाशी के बाद बीएसएफ जवानों ने 7 मवेशियों को बरामद किया, जिन्हें सुरक्षित रूप से बीओपी एचसीपुर लाया गया। बीएसएफ की 88वीं बटालियन के जवानों ने सीमाचौकी एचसीपुर में 7 मवेशियों को तस्करों से छुड़ाने के अलावा, सीमाचौकी आगरा में भी मुस्तैदी दिखाते हुए 3 और मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया।

इसी दिन अन्य घटनाओं में बीएसएफ के सतर्क जवानों ने भारत बांग्लादेश अंतराष्ट्रीय सीमा के मालदा जिले में 2 और नदिया जिले में भी 4 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। इसके अलावा नशे के खिलाफ कार्रवाई के तहत अलग-अलग अभियानों में 851 प्रतिबंधित फेंसेडिल की बोतलें बरामद की गईं। वहीं, उत्तर 24 परगना जिले से 16 फिश पिन बॉल भी जब्त की गईं। जब्त सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है व छुड़ाए गए मवेशियों को ई-टैगिंग के बाद ध्यान फाउंडेशन को सौंप दिया जाएगा।
दक्षिण बंगाल सीमांत के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रोकने के लिए बीएसएफ के जवान चौबीसों घंटे सतर्कता के साथ तैनात हैं और पूरी मुस्तैदी से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तस्कर रोज नये-नये तरीके अपनाकर तस्करी करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, परन्तु हमारे जवानों की लगातार सतर्कता से और रणनीतिक अभियानों के कारण तस्करी के बड़े प्रयासों को भी नाकाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवान हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी सूझबूझ और तेजी से की गई कार्रवाई न केवल तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर रही है, बल्कि उनके मनोबल को भी गिरा रही है। बीएसएफ अपनी कड़ी निगरानी और सटीक ऑपरेशनों के माध्यम से सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।