"स्नेह और उल्लास के साथ बीएसएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मनाया होली और महिला दिवस"
एनई न्यूज भारत, उत्तर 24 परगना
सीमा सुरक्षा बल साउथ बंगाल फ्रंटियर के बीएसएफ 102 बटालियन के वाहिनी मुख्यालय, कल्याणी में होली और महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीएसएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन पूर्वी कमान की अध्यक्षा श्रीमती प्रेमा गांधी की अध्यक्षता में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उनके साथ दक्षिण बंगाल सीमांत की बीएसएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्षा श्रीमती निर्मल कँवर भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्वागत गीत के मधुर संगम से हुआ, जिसने वातावरण को ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता से सराबोर कर दिया। इसके पश्चात रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बीएसएफ परिवार की महिलाओं व बच्चों ने देशभक्ति और होली के गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनके जोश और उत्साह ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में रंग-बिरंगे पुष्पों और गुलाल से होली का आनंद लेते हुए सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
बीएसएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (बावा) एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसका मुख्य उद्देश्य बीएसएफ कर्मियों की पत्नियों और बच्चों को सशक्त बनाना है। संगठन कौशल विकास, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, करियर परामर्श और स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहा है। इसके अलावा यह संगठन शहीद कार्मिकों के परिवार के लिए आवास, पुनर्वास और उनके मानसिक व भावनात्मक समर्थन के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित करता है। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि श्रीमती प्रेमा गांधी ने महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बीएसएफ परिवार की महिलाओं के साहस, निष्ठा और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि वे न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ा रही हैं। श्रीमती गांधी ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी दी तथा बीएसएफ परिवार की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में बीएसएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के सभी सदस्यों और उनके परिवारजनों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर प्यार की मिठास घोली और एक दूसरे को रंगों से सराबोर कर प्यार और उत्साह साझा किया । उल्लास और खुशी से भरपूर इस समारोह में 200 से अधिक सदस्य और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन पूरी गरिमा और जोश के साथ हुआ और महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सहभागिता, पारस्परिक प्यार औऱ बंधुत्व का एक सशक्त संदेश देने में इसकी सफलता, आयोजन और त्योहार दोनों को ही सार्थकता प्रदान करती है।