वॉक्सपॉप व वॉकथ्रू में निपुण हो मीडिया में मिलेगा रोजगार : डॉ अजय साव

पश्चिमबंग हिंदी अकादमी द्वारा परिकल्पित संप्रेषण कौशल संवर्धन कार्यशाला का दूसरे दिन

एनई न्‍यूज भारत, सिलीगुड़ी

पश्चिमबंग हिंदी अकादमी द्वारा परिकल्पित संप्रेषण कौशल संवर्धन कार्यशाला के दूसरे दिन विषय प्रवर्तन करते हुए अकादमी के सदस्य डॉ अजय कुमार साव ने कहा कि यदि कक्षा में साहित्यिक रचनाओं पर पॉडकास्ट, साक्षात्कार और टॉक शो तैयार किया जाए तब जटिल से जटिल रचनाओं को भी आकर्षक और प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। साथ ही ऐसी विधाओं के अलावा वॉक्सपॉप और वॉकथ्रू में महारत हासिल होने से मीडिया जगत में अपनी रचनात्मकता के रोजगारपरक अवसरों से भी अवगत कराया।

 प्रथम सत्र में पटकथा लेखन

  अवधारणा और रचना प्रक्रिया पर प्रतिभागियों को अभ्यास करते हुए फिल्म निर्माता पराग विश्वास ने सबसे पहले प्लेटफार्म और विषय के चयन को अनिवार्य बताया। साथ ही कहानी के किसी दृश्य को स्क्रीन पर नाटक के रूप में प्रस्तुत करने को स्क्रीन प्ले बताते हुए दृश्य की बारीकियों को संतुलित ढंग से अभ्यास का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।  प्लेटफार्म और विषय चयन के लिए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन को जरूरी बताया। पटकथा लेखन के दौरान एस्टेब्लिशमेंट शॉट्स, जम्प  शॉर्ट्स के साथ ध्वनि संकेत को J cut   एवं L cut के स्क्रीन प्ले को जीवंत बनाने के गुर सिखाए। रिकॉर्ड भारत और ड्रीमलेंस के संस्थापक राहुल शांभवी सिन्हा ने पॉडकास्ट साक्षात्कार और टॉक शो के बीच के अंतर को इसकी बारीकी के साथ प्रस्तुत ही नहीं अभ्यास भी करवाया। साथ ही व्हाट्सएप एवं वॉकथ्रू को जीवंत बनाने के कौशल से अवगत कराया। प्रभावशाली पॉडकास्ट, साक्षात्कार या टॉक शो के लिए ऑडियो की गुणवत्ता को उत्तम कोटि का बनाने के घरेलू उपाय से अवगत कराया। आगे इन विधाओं के तमाम कौशलों के साथ यह बोध कराया कि कंटेंट क्रिएशन के साथ क्रिएटर को अपनी जिम्मेदारियां का बोध होना जरूरी है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अकादमी के सदस्य डॉ ओमप्रकाश पांडेय ने कार्यशाला में शामिल अध्यायों के साथ विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना व्यक्त की।

हराधन शाह ने फ्लेक्स बैनर और होर्डिंग की रचना प्रक्रिया के साथ वीडियो एडिटिंग के तौर तरीकों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। शिक्षक एवं पत्रकार दीपू शर्मा ने ब्लॉग लेखन की अवधारणा और उसकी रचना प्रक्रिया के तहत भाषा का आम बोलचाल की भाषा अपनाने का मार्ग सुझाया, तो साथ 'एस ई ओ' के जरिए विषय और उससे विषय से संबंधित 'की-वर्ड्स' को सबसे पहले खोज निकालने और ब्लॉग लिखते समय उसके बार-बार इस्तेमाल करने के कौशल का सफल अभ्यास कराया। छात्रा राजनंदनी के कुशल संचालन में ननी भट्टाचार्य स्मारक महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ सरोज कुमारी शर्मा एवं शिक्षक डॉ विनय कुमार पटेल, राम पुकार मिश्रा, शीला गुप्ता के अलावा डॉ सुलोचना कुमारी दास, जितेंद्र प्रसाद, इंद्रजीत कौर, पूनम सिंह, आरती कुजूर, सुरेंद्र प्रसाद शाह, गौरव प्रसाद, निशु साहू, रोहित बासफोर, ज्योति श्रीवास्तव, रजनी भगत, मीनू किसान, दीपक पासवान, शिवम प्रसाद, काजल झा की उपस्थिति ने प्रतिभागियों को विशेष तौर पर प्रोत्साहित किया।