बाबा हरदेव सिंह की जयंती स्वच्छ जल, स्वच्छ मन अभियान से जुड़े लोग

संत निरंकारी मिशन का ‘प्रोजेक्ट अमृत’: वैश्विक स्वच्छता अभियान में लाखों स्वयंसेवकों की भागीदारी

एनई न्यूज भारत, सिलीगुड़ी

संत निरंकारी मिशन ने आज बाबा हरदेव सिंह महाराज की जयंती के अवसर पर ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के तृतीय चरण के तहत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान का आयोजन किया। इस महा अभियान में सिलीगुड़ी सहित विश्वभर में लाखों श्रद्धालुओं और स्वयं सेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

सिलीगुड़ी में उत्साहपूर्ण सहभागिता

सिलीगुड़ी में महानंदा नदी के लाल मोहन निरंजन मौलिक घाट पर आयोजित इस स्वच्छता अभियान में लगभग 500 श्रद्धालुओं और स्वयं सेवकों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, बागडोगरा, न्यू जलपाईगुड़ी, ताराबाड़ी, मयनागुड़ी, बिनागुड़ी, आमबाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

वैश्विक स्तर पर अभियान की व्यापकता

संत निरंकारी मिशन के ज़ोनल इंचार्ज  के. एम. छेत्री के अनुसार, यह वृहद अभियान देशभर में 27 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 900 से अधिक शहरों में 1600 से भी अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया। इस महाअभियान की यह अभूतपूर्व व्यापकता इसे एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करती है, जिससे जल संरक्षण एवं स्वच्छता का संदेश और अधिक प्रभावशाली रूप से जन-जन तक पहुंचता है। प्रमुख स्थानों पर विशेष आयोजन दिल्ली, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार, रायपुर आदि स्थानों पर आयोजित किया गया है

‘प्रोजेक्ट अमृत’ की पृष्ठभूमि

संत निरंकारी मिशन ने वर्ष 2023 में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं और झरनों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के माध्यम से जल संरक्षण को मानव जीवन का अभिन्न अंग बनाना है। पहले दो चरणों की सफलता के बाद, तृतीय चरण में यह अभियान और भी व्यापक और प्रभावी रूप से आयोजित किया गया। 

समाज में सकारात्मक प्रभाव

इस महाअभियान ने न केवल जल स्रोतों की स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि समाज में जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई है। संत निरंकारी मिशन के लाखों स्वयं सेवकों की समर्पित सेवा और प्रयासों से यह अभियान एक सशक्त जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उक्त जानकारी देते हुए मनोज आनंद बताया कि इस प्रकार के आयोजन से लोगों में जागरूकता पैदा होती है।