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मिडिल ईस्ट की जंग ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज, गैस को लेकर उपभोक्ताओं में भय
LPG को सुरक्षित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही सरकार, केन्द्र की सरकार बढ़ा रही घरेलू उत्पादन
एनई न्यूज भारत, सिलीगुड़ी
मिडिल ईस्ट की जंग ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज कर दी है। वहीं दूसरी ओर सप्लाई चेन बाधित होने की वजह से दुनिया के तमाम देशों में तेल और गैस की किल्लत हो रही है। भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश की हालात काफी खराब हो चुकी है। हालांकि उर्जा की किल्लत से पाकिस्तान में तेल की कमी के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की ब्रिकी सीमित कर दी गई है। वहीं भारत तक भी इस युद्ध की लपटें पहुंचने लगी है। कच्चे तेल की आसमान छूती कीमत से जहां तेल कंपनियों का बहीखाता बिगड़ रहा है। वहीं, सरकार ने फिलहाल तेल की बढ़ती कीमत के असर से आम जनता को बचाकर रखा है, लेकिन भारत सरकार और तेल कंपनियां जब इस दबाव को झेल नहीं पाएंगी और हाथ खड़े कर देंगी तो इसका असर आम जनता पर पहुंचेगा।
दार्जिलिंग के सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के अवरुद्ध होने के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए, सरकार मौजूदा दरों पर घरेलू खपत के लिए आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है।
इसके अलावा, भारत सरकार मध्य पूर्व से इतर वैकल्पिक स्रोतों से अतिरिक्त द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) सुरक्षित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है, और साथ ही घरेलू उत्पादन को भी बढ़ा रही है। अतः, हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे घबराएँ नहीं किसी भी हाल में उपभोक्ताओं को गैस की कमी नहीं होगी। राजू बिष्ट ने कहा कि स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा हूँ और उपभोक्ताओं को गैस सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा दूँगा। जिससे इस क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। सरकार जल्द से जल्द आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में काम कर रही है।



