HIGHLIGHTS
बिहार से CM नीतीश की 'विदाई' JDU में टेंशन! कार्यकार्ताओं ने किया कार्यालय में तोड़-फोड़
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए किया नामांकन अब रूख राज्य सभा
बिहार में भाजपा ने अपहरण की फिरौती में नितिश से पूरा बिहार ही मांग लिया: अखिलेश यादव
NDA का नारा, ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’ सरकार को भाजपा का नारा खोखला: तेजस्वी
एनई न्यूज भारत, पटना
वहीं दूसरी ओर जदयू में उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है और इस बदलाव को लेकर उसके प्रभाव में कमी लगभग तय मानी जा रही है। यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि नीतीश कुमार के पुत्र निशांत, जिनके राजनीति में प्रवेश की घोषणा दो दिन पहले हुई थी, भले ही नीतीश कुमार वंशवाद की राजनीति के विरोधी रहे हों, को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
दो दशक तक बिहार की सत्ता पर शासन करने वाले सीएम नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने के बाद अब वह बिहार की राजनीति से नई दिल्ली की ओर रूख कर दिया है। हालांकि उनके इस फैसले को लेकर जनता दल यूनाइटेड को नेताओं में डर का माहौल है।
बिहार में 2025 में पूर्ण बहुमत से बनी सरकार को अब से 1महीने 15 दिन बाद राज्य को नए सीएम के साथ नई सरकार मिलेगी। सूत्रों की माने तो कि भारतीय जनता पार्टी इस बार अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। वहीं दूसरी ओर बिहार में अब दो डिप्टी सीएम होंगे जो जनता दल यूनाइटेड से होंगे। इस बीच जदयू के नेताओं ने अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री आवास पर आने बड़े नेताओं के साथ नारे बाजी करते हुए नजर आ रहे हैं।
सुसाशन बाबू का युग खत्म ?
उधर, जदयू कार्यकर्ताओं ने पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का घेराव किया। उनकी मांग है कि नीतीश कुमार, राज्यसभा न जाएं और बिहार के सीएम के तौर पर बने रहें। एक ओर जहां विपक्षी दावा कर रहे हैं कि इस फैसले के साथ नीतीश युग का अंत हो गया है वहीं जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश युग का कभी अंत नहीं हो सकता उन्होंने नया बिहार बनाया है। जैसे कर्पुरी ठाकुर और चौधरी चरण सिंह जिंदा है, ऐसे ही युग-युग तक नीतीश कुमार भी याद किए जाएंगे। जाहिर है कि इससे सदन की भी गरिमा बढ़ेगी, बहस का स्तर ऊंचा होगा और यूं भी ख्याति व अच्छे बौद्धिक ज्ञान के चलते उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार भी मिला था।
लिया बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण: अखिलेश
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा चुनाव में नामांकन किए जाने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हालिया सियासी परिस्थिति को अपहरण और फिरौती से जोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश ने लिखा कि बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण ! ये दिखने में राजनीतिक अपहरण है, लेकिन दरअसल ये बिहार का आर्थिक अपहरण है. भाजपा ने तो फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया तो अगला नंबर… समझदार को इशारा काफ़ी।
NDA का नारा 25 से 30 फिर से नीतीश’ सरकार खोखला: तेजस्वी
इससे पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर आरोप लगाया कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को खत्म करने की साजिश रच रही है।
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने से संबंधित घटनाक्रम पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सब जानते हैं कि बिहार के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने नारा दिया था, ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’ सरकार को खोखला बताया ।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और NDA के घटक दल जानते हैं कि किस प्रकार तंत्र-मंत्र और पूरे सिस्टम का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ा गया। उन्होंने कहा, ‘‘उस समय भी हमने कहा था कि बीजेपी के लोगों ने नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया है और उन्हें दोबारा कुर्सी पर बैठने नहीं देंगे। हमने कहा था कि वे छह महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहेंगे। बीजेपी जिसके साथ भी रही है, उसे बर्बाद करने का काम किया है। बीजेपी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दलित और आदिवासी विरोधी पार्टी है। तेजस्वी यादव ने यह टिप्पणी राजद के राज्यसभा उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। उन्होंने कहा कि बीजेपी नहीं चाहती कि बिहार में ऐसा नेता रहे जो ओबीसी या दलितों की बात करता हो और वह एक ‘रबड़ स्टांप मुख्यमंत्री’ चाहती है



