बैंक खाता किराये का फर्जीवाड़ा 100 करोड़ का

गरीबों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी सिम कार्ड के साथ खोलता था बैंक खाता:प्रवीण प्रकाश

9 महिने बाद पुलिस के हत्‍थे चढ़ा फांसीदेवा में फर्जीवाड़े गिरोह का मुख्य सरगना सईदुल

विदेशों से भी हुआ है खातों में पैसे का आदान-प्रदान हवाला कारोबार की आशंका

एनई न्‍यूज भारत, सिलीगुड़ी

साइबर ठगी के साथ-साथ ठगों ने अनेक ठगी के रास्‍ते अख्तिायार किया जा रहा है। इसी प्रकार के एक फर्जीवाड़ा करीब 9 माह पहले फांसीदेवा में हुआ था। पुलिस की छापेमारी उस दौरान मुख्‍य सरगन फरार हो गया था। परंतु पुलिस के प्रयास से करीब 9 माह के बाद फांसीदेवा में फर्जीवाड़े गिरोह का मुख्य सरगना सईदुल पुलिस के हत्‍थे चढ़ा। पुलिस ने सईदुल को रिमांड पर लेने के बाद कई सनसनीखेज तथ्य सामने आये है। उक्‍त बातें दार्जिलिंग जिले के पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश ने एक पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।

उन्‍होंने बताया कि जालसाजी गिरोह का मुख्य सरगना सईदुल ने आम लोगों के खाते किराए पर लेकर ठगी का जाल फैलाया था। हालांकि लगभग 9 महीने के बाद उसे गिरफ्तार कर रिमांड पर लेने पर पुलिस को कई तथ्य मिली है। पूरे मामले को लेकर दार्जिलिंग जिले के पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश ने फांसीदेवा थाने में पत्रकारों से कहा कि सईदुल आम लोगों के दस्तावेजों कुछ रूपये की लालच में लेकर इस्‍तेमाल करता था। इन दास्‍तवेजों का इस्तेमाल कर फर्जी सिम कार्ड बनाता था और बैंक अकाउंट खोलवा कर किराये पर लेता था। इस किराये के बैंक खातों से लगभग 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।वहीं दूसरी ओर पुलिस ने इस पूरी घटना के पर्दाफास करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ की नेतृत्व में 5 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। एसपी ने बताया कि इस घटना से देश में कुल 340 ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं। सईदुल फांसीदेवा से लेकर गुजरात, मुंबई और दिल्ली तक धोखाधड़ी गिरोहों से जुड़ा था। उसकी धोखाधड़ी का दायरा देश ही नहीं बल्कि दुबई, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैला हुआ था।