करोड़ो के आईटीसी रिफंड में रंजीत की जमानत खारिज, जांच की आंच में और पांच

55 दिन से आइटीसी रिफंड चोरी के आरोप में जेल में बंद है जयगांव का निर्यातक रजीत प्रसाद

भूटान के लिए जयगांव से पान मसाला, गुटखा और सिगरेट के निर्यात पर है विभाग की नजर

एनई न्यूज भारत सिलीगुड़ी

सिलीगुड़ी में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की टीम ने गुटखा और पान मसाला के फर्जी निर्यात से जुड़े एक घोटाले का पर्दाफाश किया है। जिसके परिणामस्वरूप सरकार से करोड़ों रुपये के रिफंड लेने वाले मास्टरमाइंड रंजीत प्रसाद को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, गलत तरिके से निर्यात का दस्तावेज उपलब्ध कराने के आरोप में 28 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह 55 दिनों से जेल में हैं। शुरुआती जांच में पता चला कि रंजीत ने करीब 13. 64 करोड़ रुपये आईटीसी रिफंड लिया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, टैक्स चोरी का आंकड़ा 20 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इसके अतिरिक्त जयगांव के पांच निर्यातक सीजीएसटी की रडार पर हैं, और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जयगांव के निवासी रंजीत प्रसाद ने दो फर्मों के माध्यम से पर्याप्त आईटीसी रिफंड का दावा किया, जिससे सीमा शुल्क की मिली भगत का संदेह पैदा हुआ। सीजीएसटी विशेष रूप से एक करोड़ से अधिक रिफंड वाले निर्यातकों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

गलत आईटीसी रिफंड लेने वालों की खैर नहींः डा.जीतेश नागोरी

सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सीजीएसटी) सिलीगुड़ी के कमिश्नर डा.जीतेश नागोरी ने कहा कि फर्जी तरिके से आईटीसी रिफंड लेने वालों की खैर नहीं है। विभाग जांचकर  रही है और फर्जी तरिके से जो रिफंड लिया गया उसकी भरपाई सरकार को करनी होगी। उन्होंने बताया कि फर्जी निर्यात दिखाकर आईटीसी की चोरी करने वाले पांच लोगों पर विभाग की पैनी नजर है और जांच भी जारी है। जैसे ही जांच रिपोर्ट सामने आयोगी विभागिय कार्रवाई तय है। रंजीत प्रसाद के बावत उन्होंने कहा कि 60 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने की तैयारी करीब-करीब पूरी हो चुकी है जल्द कोर्ट में दाखिल कर दिया जायेगा। सीजीएसटी कमिश्नर जीतेश नागोरी ने बताया कि हम किसी भी हाल में सरकारी नियमों की अनदेखी नहीं होने देगें और हर हाल मे जीरो टालरेंस की नीति के आधार पर विभाग काम करेगा। क्योंकि इसकी जांच के लिए दो टीमों का गठन किया गया है और वह अपनी जांच जारी रखे हैं।