8 वर्ष से मॉल में फायर सेफ्टी लाइसेंस नहीं हुआ नवीनीकरण, 12 फायर लाइसेंस वाली प्रतिष्ठानों में 8 का रिनवल फेल
-अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम ने की थी दिखावे की कार्रवाई, जांच के बाद मिली खामियां पर निगम मौन
एनई न्यूज भारत, सिलीगुड़ी
सिलीगुड़ी के सेवक रोड पर स्थित प्लानेट मॉल में अगर बदकिस्मती से अगलगी घटना हो जाय तो हादसे के दौरान बचाव के कोई पुख्ता उपाय नहीं है। क्योंकि 17 जुलाई 2016 के बाद प्लानेट मॉल का फायर लाईसेंस का नवीनीकरण इसलिए नहीं हुआ वह सुरक्षा के मानकों को पूरा नहीं कर रहा था। वहीं दूसरी ओर मॉल में 12 प्रतिष्ठान ऐसे है जिन्हे फायर लाइसेंस की जरूरत होती है, लेकिन इसमें से 8 का फायर लाइसेंस रिनवल नहीं होने से फेल है। उक्त बातें गुरुवार को जर्नलिस्ट क्लब आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान आंदन भंसाली ने कही।
उन्होंने कहा कि यह प्रमुख मॉल है और इसमें बार, पब और खाना बनाने के लिए किचन का प्रयाेग करने वाले 12 प्रतिष्ठान है, लेकिन 8 के फायर लाइसेंस बिना रिनवल के चल रहे हैं। अगर कही कोई अगलगी की घटना हो तो बचाव के कोई भी संसाधन उपलब्ध नहीं है। हालांकि 17 जुलाई 2016 के बाद प्लानेट मॉल का फायर लाईसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है। इसका प्रमुख कारण है कि निरीक्षण अधिकारी ने अपने नोट में कहा है कि प्लानेट मॉल पर अधिभोग धारा का उल्लंघन कर चल रहा है। डब्ल्यूबीएफएस अधिनियम की धारा 11 सी और 12 1950 अद्यतन संशोधन के साथ जो एक दंडनीय अपराध है और सरकार को नुकसान पहुंचाता है। आय और जीवन और संपत्ति की सुरक्षा को खतरा है। इस संबंध में आप नियमानुसार अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (आरईएससी) के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन सुरक्षा के मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण रिनवल नहीं हो सकता है। अपनी रिपोर्ट में फायर विभाग के जांच अधिकारी ने कहा है कि आरएफएसआर के अनुसार 6 मीटर का रास्ता नहीं है ताकि किसी भी घटना के अग्निशमन वाहन जा सके। इसके साथ ही
इतने बड़े मॉल में आरएफएसआर के अनुसार बाहरी हाइड्रेंट सिस्टम स्थापित नहीं किया गया है। आरएफएसआर के अनुसार एफसीडी प्रदान नहीं किया गया। इतना ही मॉल में लगे पंप अनुक्रम आरएफएसआर के अनुसार नहीं। जबकि अगलगी के समय फायर अलार्म, गर्मी और धुएं का पता लगाना आरएफएसआर के अनुसार नहीं। वहीं, अग्नि नियंत्रण कक्ष/निगरानी कक्ष उपलब्ध नहीं कराया गया है। प्रारंभिक चरण में आग से निपटने के लिए कोई प्रशिक्षित/कुशल व्यक्ति नियुक्त नहीं किया गया और ड्राइववे (दक्षिण की ओर) में रुकावट पाई गई। सबसे अहम बात यह है कि इनबिल्ट फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह से निष्क्रिय है।
आनंद बंसाली ने कहा कि लोगों के जानमाल की सुरक्षा जहां मॉल प्रबंधन पूरी तरह से लापरवाह है, वहीं दूसरी ओर प्लानेट मॉल में अवैध निर्माण की गतिविधियां परवान चढ़ी है। हालांकि नगर निगम ने कुछ कार्रवाई की थी, लेकिन चुप बैठने पर नगर निगम की भूमिका पर सवाल खड़ा हो रहा है।