HIGHLIGHTS
बंगाल में 23 व 29 अप्रैल को मतदान, 4 मई को आयेंगे परिणाम, चुनाव आयोग को नोटिफिकेशन 30 मार्च से
पश्चिम बंगाल पहले फेज में 152 विधानसभा सीटों पर और दूसरे फेज में 142 सीटों पर होगा मतदान
असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होगा मतदान, 4 मई को परिणाम
एनई न्यूज भारत, नई दिल्ली
भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार की शाम 4 बजे पत्रकार वार्ता में पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों को चुनावी जंग ऐलान कर दिया है। पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरण 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को, असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। जबकि सभी चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेशों में मतगणना चार मई को एक साथ होगी। इसके साथ ही गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा में उपचुनाव 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को होंगे। गोवा, कर्नाटक., नागालैंड और त्रिपुरा 9 अप्रैल को महाराष्ट्र और गुजरात में 23 अप्रैल को विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे।
चुनाव का ऐलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 17.4 करोड़ इन राज्यों में मतदाता हैं। इन राज्यों में SIR का काम बहुत बेहतर हुआ है और 824 विधानसभा सीट इन राज्यों में हैं। इन चार राज्यों के साथ केंद्र शासित प्रदेश में वोटर लिस्ट में खास तौर पर बड़े पैमाने पर बदलाव का काम पहले ही पूरा हो चुका है, और फाइनल वोटर रोल पब्लिश हो चुके हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ 10 मार्च को चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए पश्चिम बंगाल गए थे। उन्होंने चुनाव की तैयारी कर रहे दूसरे राज्यों का भी दौरा किया।
बंगाल में दो चरणों में मतदान
पश्चिम बंगाल की विधानसभा में 294 सीटें हैं, जिसमें मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है। ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली टीएमसी 2011 से राज्य की सत्ता पर काबिज है। बंगाल में दो चरणों का मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगी। जबकि अन्य चुनावी राज्यों के साथ ही 4 मई को मतगणना होगी। पश्चिम बंगाल पहले फेज में 152 और दूसरे फेज में 142 सीटों पर मतदान होगा।
असम में 9 अप्रैल को मतदान
असम में मौजूदा बीजेपी की लीडरशिप वाली एनडीए सरकार और कांग्रेस के बीच 126 असेंबली सीटों के लिए मुकाबला होगा। असम में सिर्फ एक चरण में 9 अप्रैल को होगा जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
केरल में नौ अप्रैल को मतदान
केरल में, 140 सीटों के लिए लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच मुख्य मुकाबला है। बीजेपी के नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) भी चुनाव लड़ रहा है, जिसमें BJP का लक्ष्य लगभग 100 सीटें जीतना है और उसके सहयोगी भारत धर्म जन सेना (BDJS) और ट्वेंटी 20 गठबंधन के हिस्से के रूप में बाकी 40 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। केरल में भी मतदान 9 अप्रैल को होगा और मतगणना 4 मई को होगी।
तमिलनाडु में 234 सीटों पर 23 को मतदान
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर प्रचार अभियान तेज हो गया है और पार्टियां अपने गठबंधनों में सीट-शेयरिंग की व्यवस्था को अंतिम रूप दे रही हैं. तमिलनाडु में 23 अप्रैल एक चरण में मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होगी।
पुडुचेरी में 30 सीटों पर 9 को मतदान
पुडुचेरी अपनी 16 वीं विधानसभा के सभी 30 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कराएगा. कांग्रेस DMK और CPI के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है, जबकि विपक्ष में ऑल इंडिया NR कांग्रेस, BJP और AIADMK शामिल हैं. पुडुचेरी में मतदान नौ अप्रैल को होगी और चार मई को मतदान होगा।
स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान होगा चुनाव: चुनाव आयोग
ECI ने इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। कमीशन ने संविधान के आर्टिकल 324 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट, 1951 के सेक्शन 20B से मिली पूरी शक्तियों के तहत सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त किए, ताकि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में मदद कर सकें और फील्ड लेवल पर चुनाव मैनेजमेंट की देखरेख कर सकें। वहीं चुनाव आयोग ने कहा कि प्रत्येक चुनावी राज्यों में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान कराने की पूरी कोशिश की जा रही है। जबकि हिंसा मुक्त चुनाव को लिए पैरा मिलेट्री फोर्स को तैनात किया गया है।



