सीमा पर ऑपरेशनल तैयारियां होगी और मजबूत: रवि गांधी

एडीजी ने मालदा व मुर्शिदाबाद सीमा क्षेत्र का किया दौरा, तारबंदी के काम को जल्दी से पूरा करने का दिया निर्देश

जवानों की सतर्कता और साहस की दिल खोलकर की प्रशंसा, तस्करी और घुसपैठ पर दी सख्त चेतावनी

एनई न्यूज भारत, मालदा/मुर्शिदाबाद
भारत-बांग्लादेश
सीमा पर बेहतर सीमा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से  बीएसएफ पूर्वी कमान कोलकाता के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) रवि गांधी  ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों के सीमावर्ती इलाकों का दो दिवसीय व्यापक दौरा किया। दौरे  में उनके साथ , सीमांत मुख्यालय दक्षिण बंगाल, कोलकाता के महानिरीक्षक करणी सिंह शेखावत, गौतम क्षेत्रीय मुख्यालय मालदा के उप महानिरीक्षक तरुण कुमार सहित सीमांत मुख्यालय दक्षिण बंगाल, क्षेत्रीय मुख्यालय मालदा और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


30 मार्च 2025 को सुबह लगभग 0900 बजे रवि गांधी, एडीजी और करणी सिंह शेखावत, महानिरीक्षक वायु सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से एनटीपीसी फरक्का हेलीपैड पहुंचे, जहां से उन्होंने 71वीं बटालियन मुख्यालय, वैष्णवनगर के लिए प्रस्थान किया। वहां एडीजी और अन्य अधिकारियों ने सीमा प्रबंधन, ऑपरेशनल तैयारियों और  अन्य  संबंधित विषयों पर अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तार से समीक्षा की। इसके बाद श्री गांधी ने अधिकारियों के संग मालदा जिला सीमा क्षेत्र व 88वीं वाहिनी के अधीन सीमा चौकियों के दौरे के लिए प्रस्थान कर गये। सीमा चौकी बेलडांगा और इटाघाटी के जिम्मेदारी क्षेत्र के अंतर्गत डोमिनेशन लाइन को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समीप करने हेतु किये गये कार्यों में आई प्रगति का जायजा ले उन्होंने नवनिर्मित पेट्रोल गश्ती बेस का भी निरीक्षण किया। जमीनी हालात और इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए श्री गांधी ने इस क्षेत्र की मौजूदा 29 किलोमीटर के बिना तारबंदी वाले क्षेत्र में तारबंदी लगाने का कार्य प्राथमिकता के साथ पूरा करने के आदेश दिए। एडीजी रवि गांधी ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में कोई भी चूक सीमा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसके बाद अधिकारियों ने मुर्शिदाबाद जिला सीमा क्षेत्र की 71वीं वाहिनी के अधीन सीमाचौकी चांदनीचक का दौरा किया और वहां की ऑपरेशनल रणनीतियों और गश्ती व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस दौरान श्री गांधी ने बल और सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ तारबंदी और भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की। रवि गांधी ने अधिकारियों को इन कार्यों को शीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए ताकि सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। दौरे के दौरान रवि गांधी ने जवानों के साथ सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और चुनौतियों को सुना। जवानों ने तस्करी, घुसपैठ और चर क्षेत्रों में बदलते हालात से संबंधित मुद्दों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए और अतिरिक्त महानिदेशक ने उन्हें गंभीरता से सुना । एडीजी बीएसएफ ने जवानों की सतर्कता, अनुशासन और समर्पण की सराहना की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी जरूरतों और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। दौरे के अंतिम चरण में श्री गांधी ने अधिकारियों के साथ सीमाचौकी नीमतीता का दौरा किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल रणनीतियों की समीक्षा की। उन्होंने जवानों को सतर्क रहने और सीमा पर तस्करों व घुसपैठियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए रखने का निर्देश दिया।

अपने दौरे के दौरान श्री गांधी ने सीमा क्षेत्र के नागरिकों से भी बातचीत की और उनकी बाते ध्यान से सुनी। सीमा क्षेत्र के किसानों ने डोमिनेशन लाइन को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समीप करने हेतु सीमा सुरक्षा बल के अभियान की सराहना की और श्री गांधी को अवगत कराया कि इससे उनके फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है और कई अन्य असुविधाओं से मुक्ति मिली है। श्री गांधी ने ग्रामीणों को आश्वासित किया की सीमा सुरक्षा बल  सीमा क्षेत्र के नागरिकों की  सुरक्षा और  बेहतरी के लिए हमेशा  प्रयासरत रहेगा। मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों की संवेदनशील और हालिया बदले हालात के मद्देनजर  श्री गांधी ने सहयोगी एजेंसी और पुलिस से जरूरी प्रतिक्रिया और प्रतिपुष्टि के प्रति भी अपने दौरे के दौरान ख़ास उत्सुकता दिखाई।  इस दौरे के माध्यम से रवि गांधी ने स्पष्ट संदेश दिया कि सीमा प्रबंधन और ऑपरेशनल तैयारियों को और अधिक मजबूत किया जाएगा और बल इसके लिए लगातार प्रयासरत है। सीमा पर तारबंदी और गश्ती व्यवस्था को प्रभावी बनाकर तस्करी और घुसपैठ की हर साजिश को नाकाम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीमा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।