44 करोड़ के आईटीसी फर्जीवाड़े में आरोपी की सिलीगुड़ी व गुवाहाटी की चल-अचल संपत्तिज सीज
मां कामाख्या का 3 बैंक खाता, जमीन के 3 प्लांट व फ्लैट को सीजीएसटी ने किया अटैच
जयगांव में फर्जीवाड़े करके आईटीसी रिफंड लेने वालों से होगी वसूली
पवन शुक्ल, सिलीगुड़ी
सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सीजीएसटी) के आयुक्त सिलीगुड़ी कमिश्नरेट ने मेसर्स मां कामाख्या एजेंसियां जीएसटीआईएन 19ABQPC2875C1ZL के प्रोपराइटर बृजेश कुमार चौरसिया पर फर्जी तरिके से करीब 44 करोड़ रूपये की आईटीसी रिफंड लेने के आरोप में जहां नोटिस जारी किया है। वहीं दूसरी ओर फरार होने के कारण उनकी कई चल व अचल संत्तियों को विभाग ने अटैच कर कार्रवाई कर रहा है।
मालूम हो कि सीजीएसटी ने बीते दिनों 19ABQPC2875C1ZL के प्रोपराइटर बृजेश कुमार चौरसिया की फर्म मेसर्स मां कामाख्या की जांच के बाद पता चला कि जो आईटीसी की राशि करीब 44 करोड़ लिया है उसके वह हकदार नहीं हैं। जांच के दौरान, 100 पर्ल्स अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर एम-5, जिला परिषद रोड, ज्योति नगर, वार्ड नंबर 41 सिलीगुड़ी 734001 में जब टीम पहुंची तो वह फरार हैं। वहीं इस फर्जीवाड़े के खिलाफ सिलीगुड़ी कमिश्नरर कार्यालय ने 10 मार्च 2025 सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 159 के तहत सूचना का प्रकाशन किया है। इस सूचना में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 132 या अन्य प्रासंगिक धारा के तहत सीजीएसटी और सीएक्स के आयुक्त, सिलीगुड़ी कमिश्नरेट ने 44 करोड़ लगभग की राशि के माल की रसीद के बिना बड़ी मात्रा में आईटीसी का लाभ उठाने के अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है। जबकि, ब्रिजेश कुमार चौरसिया, मालिक मेसर्स मां कामाख्या एजेंसियों को आयुक्त सीजीएसटी सिलीगुड़ी कमिश्नरेट द्वारा गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं। इसलिए, गिरफ्तारी को अंजाम देने के लिए, सीजीएसटी और सीएक्स सिलीगुड़ी आयुक्तालय के अधिकारियों ने चौरसिया के अंतिम ज्ञात आवासीय पते का दौरा किया, लेकिन 26 फरवरी 2025 से फरार पाया गया। अब, अतः सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 159 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सार्वजनिक जागरूकता के लिए बृजेश कुमार चौरसिया, मेसर्स मां कामाख्या एजेंसियां 100 पर्ल्स अपार्टमेंट एम-5, जिला परिषद रोड, ज्योति नगर, वार्ड संख्या 41 सिलीगुड़ी को इस अपराध के लिए सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 132 की उप धारा (1)(बी) के साथ पठित उप धारा (1)(सी) का उल्लंघन में शामिल हैं। इसमें इन्होंने 44 करोड़ के फर्जीवाड़े का दोष सिद्धि हुआ है। इसलिए आदेश 26 फरवरी 2025 यह प्रकाशन सीजीएसटी अधिनियम की धारा 159 के अनुसार किया गया है। 2017, जनता को सूचित करने और किसी भी तरह की धोखाधड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए आयुक्त, सीजीएसटी सिलीगुड़ी प्रतिबद्ध है।
जांच जारी चल-अचल संपत्ति होगी सील: डा. जीतेश नागोरी
इस बावत सिलीगुड़ी सीजीएसटी के कमिश्नर डा. जीतेश नागोरी ने कहा कि 19ABQPC2875C1ZL के प्रोपराइटर बृजेश कुमार चौरसिया की फर्म मेसर्स मां कामाख्या की जांच के बाद पता चला कि जो आईटीसी की राशि करीब 44 करोड़ का फर्जीवाड़ा किया है। जांच टीम जब उनके घर पहुंची तो वह फरार थे। हालांकि पहली बार उनके परिवार के लोग मिले लेकिन बाद में सिलीगुड़ी कोई नहीं था। उन्होंने बताया कि बज जांच की प्रक्रिया होने पर फर्जीवाड़ा मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने के नोटिस भेजा गया बावजूद इसके वह हाजिर नहीं हुए। इसजिए सीजीएसटी के नियमानुसार तीन बैंक खाते दो सिलीगुड़ी और एक फैंसीबाजार गुवाहाटी के खाते को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। सीजीएसटी कमिश्नर ने बताया कि इसके साथ हही अचल संपत्तियों में सिलीगुड़ी के फ्लैट, झंकार मोड़ स्थित कार्यालय और तीन प्लाट को सीजीएसटी ने अटैच किया है। जयगांव में भूटान एक्सपोर्ट के दौरान आईटीसी फजीवाड़े के बावत सिलीगुड़ी सीजीएसटी के कमिश्नर डा. जीतेश नागोरी ने कहा कि जांच जारी है। जिसमें गलत तरिके के आईटीसी रिफंड लिया जांच कर उनसे वसूली कि प्रक्रिया की जा रहा रही है।