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आयकर विभाग द्वारा ‘नवीन आयकर अधिनियम, 2025’ एवं नियम 2026 पर आउटरीच सेमिनार आयोजित
एनई न्यूज भारत, सिलीगुड़ी
आयकर विभाग, सिलीगुड़ी ने द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), सिलीगुड़ी शाखा के सहयोग से आज आईसीएआई भवन, तीनबत्ती मोड़, सिलीगुड़ी में "नवीन आयकर अधिनियम, 2025" विषय पर एक आउटरीच सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार का उद्देश्य करदाताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर अधिवक्ताओं एवं व्यापारिक संगठनों को नए अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों के स्वागत से हुआ। सेमिनार का विधिवत उद्घाटन प्रधान आयकर आयुक्त,सिलीगुड़ी राजीव कुमार ने आयकर आयुक्त (टीडीएस), चार्टर्ड अकाउंटेंट जी.एस. होरा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आईसीएआई, सिलीगुड़ी शाखा के अध्यक्ष सरबजीत सिंह होरा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। अपने मुख्य संबोधन में प्रधान आयकर आयुक्त राजीव कुमार ने नए अधिनियम के उद्देश्यों एवं करदाता-अनुकूल दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र में आयकर आयुक्त, सिलीगुड़ी टी. रामलिंगम ने ‘नवीन आयकर अधिनियम, 2025’ का सामान्य अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अधिनियम को सरल भाषा, कम धाराओं तथा ‘कर वर्ष’ जैसी नई अवधारणाओं के समावेश के साथ अधिक करदाता-अनुकूल बनाया गया है।
आयकर आयुक्त (टीडीएस), सिलीगुड़ी गौतम पात्रा ने टीडीएस से संबंधित प्रावधानों की संक्षिप्त जानकारी दी। वहींआयकर अधिकारी (टीडीएस) शिव मंग्राती ने विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति के माध्यम से नए अधिनियम में टीडीएस/टीसीएस प्रावधानों में हुए प्रमुख बदलावों को समझाया।प्रश्नोत्तर एवं फीडबैक सत्र में उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट, कर अधिवक्ताओं एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी शंकाएं रखीं, जिनका अधिकारियों द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया।
मंच संचालन आशुतोष कुमार, आयकर अधिकारी, वार्ड-3(4), कालिम्पोंग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन आईसीएआई, सिलीगुड़ी शाखा के सचिव लव अग्रवाल एवं आयकर अधिकारी, सिलीगुड़ी, निमा लामा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सेमिनार में सिलीगुड़ी एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सीए, कर पेशेवर, व्यापारी एवं करदाता उपस्थित रहे।आयकर विभाग एवं आईसीएआई की सिलीगुड़ी शाखा ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की ताकि नए कानून का लाभ आम करदाताओं तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।



