अर्थव्य 2026 का शुभारंभ: फाइनेंस क्लब की प्रेरणादायक पहल

HIGHLIGHTS

एमएमएमयूटी की छात्र सोसाइटी फाइनेंस क्लब  द्वारा आयोजित अर्थव्य 2026 का उद्घाटन

एनई न्‍यूज भारत, गोरखपुर

एमएमएमयूटी की छात्र सोसाइटी फाइनेंस क्लब के द्वारा आयोजित अर्थव्य 2026 का उद्घाटन समारोह Madan Mohan Malaviya University of Technology के प्रबंधन अध्ययन विभाग के अंतर्गत अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह वार्षिक वित्तीय महोत्सव का प्रेरणादायक और भव्य प्रारंभ रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगीत और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह का संचालन फाइनेंस क्लब की टीम द्वारा सुचारु रूप से किया गया। सरस्वती आरती एवं दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से ज्ञान और बुद्धि का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। विश्वविद्यालय के कुलगीत ने पूरे वातावरण में एकता और गौरव की भावना को सुदृढ़ किया। अतिथियों एवं प्राध्यापकों का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

फाइनेंस क्लब के अध्यक्ष प्रो. एल. बी. प्रसाद ने अपने स्वागत संबोधन में क्लब की दूरदृष्टि एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह क्लब केवल विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए वित्तीय जागरूकता, टीमवर्क और समन्वय का एक सशक्त मंच है।

इसके उपरांत डॉ. उग्रसेन ने वर्ष 2021 में स्थापना से लेकर अब तक की क्लब की यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि क्लब का उद्देश्य शैक्षणिक अध्ययन और वास्तविक वित्तीय जगत के बीच की दूरी को कम करना है। प्रारंभ में केवल दो कार्यक्रमों से शुरुआत कर आज यह तीन दिवसीय महोत्सव का स्वरूप ले चुका है, जिसमें सेमिनार, कार्यशालाएँ और विभिन्न प्रतियोगिताएँ शामिल हैं, तथा प्रतिभागियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है।

अर्थव्य 2026 के चेयरपर्सन मनीष कुमार ने अपने ऊर्जावान संबोधन में महोत्सव की प्रमुख गतिविधियों जैसे “Back to Pavilion (B2P)”, “The Crawl”, “Business Tycoon” तथा विभिन्न ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का परिचय दिया। उनके भाषण के साथ ही महोत्सव के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की गई तथा प्रातः 11:30 बजे बहुप्रतीक्षित टीज़र लॉन्च किया गया।

समारोह में प्रायोजकों के महत्वपूर्ण सहयोग को भी सम्मानित किया गया। Kotak Mutual Fund के शाखा प्रबंधक वेद दुबे ने निवेश और वित्तीय बाजारों पर अपने विचार साझा किए तथा विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक चर्चा की। प्रायोजकों — Molecule, Love at First Bite, CSB, Success Library (अभिजीत गुप्ता) एवं Lenshark प्रकाश राज सिंह  को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

डॉ. भारती शुक्ला और डॉ अंजलि सिंह ने सभी प्रायोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। तत्पश्चात विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. वी. के. गिरी ने अपने आशीर्वचन से कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के प्रयासों की प्रशंसा की।

समारोह का समापन सचिव डॉ. बिजेंद्र कुमार पुष्कर द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें प्राध्यापकों, प्रायोजकों, स्वयंसेवकों, प्रतिभागियों एवं शोधार्थियों के योगदान को विशेष रूप से सराहा गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथा हुआ। इस प्रकार अर्थव्य 2026 का सफल शुभारंभ हुआ, जो प्रतिभागियों के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणादायक अनुभवों से परिपूर्ण होने का आश्वासन देता है। मौके पर डॉ. बिजेन्द्र कुमार पुष्कर, डॉ. उग्रसेन, डॉ. भारती शुक्ला, डॉ. अभिजीत मिश्रा, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. जावेद आलम, डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. अंजली सिंह, डॉ. पूनम ओझा, डॉ. इन्दल कुमार, डॉ. विवस्वान, डॉ. सचिन श्रीवास्तव, मौजूद रहे।

एमएमएमयूटी के प्रो बी के पाण्डेय अधिष्ठाता बनने पर बधाईयो का तांता

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में प्रो बी के पाण्डेय, आचार्य, भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान को अधिष्ठाता विस्तार गतिविधियां एवं पुरातन छात्र संबंध नियुक्त किया गया है। प्रो पांडेय की नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष या आगामी आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए प्रभावी होगी। अब तक प्रो जय प्रकाश, आचार्य, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संगणक अनुप्रयोग विभाग अधिष्ठाता के रूप में कार्यरत थे, जिनकी सेवाओं की विश्वविद्यालय द्वारा सराहना की गई है। प्रो पाण्डेय फिलहाल भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष भी हैं जिस पर वे बने रहेंगे। इसके अतिरिक्त, वे छात्र क्रिया कलाप परिषद के अध्यक्ष भी हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह दायित्व दिया गया है। प्रो पांडेय अब विश्वविद्यालय की विस्तार योजनाओं, पूर्व छात्र नेटवर्किंग और संसाधन जुटाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व करेंगे। अधिष्ठाता के प्रमुख दायित्वों में शामिल हैं:

1. विश्वविद्यालय की विस्तार और क्षेत्रीय पहुंच प्राथमिकताओं के लिए दूरदर्शी नेतृत्व और योजना प्रदान करना।

2. पूर्व छात्रों के वैश्विक नेटवर्क का समन्वय, सूचना प्रसार और फीडबैक संग्रहण।

3. संसाधन जुटाने, दानदाताओं से सहयोग प्राप्त करने और आयकर लाभ संबंधी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया का प्रबंधन।

4. विश्वविद्यालय और बाहरी हितधारकों के बीच संबंध मजबूत करना, साथ ही नवीन आउटरीच कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना

5. छात्र कल्याण, इनोवेशन, सामुदायिक सेवा और इंक्यूबेटरों के सुचारू संचालन से जुड़े कार्य।

उनकी नियुक्ति का आदेश जारी होते ही बधाईयों का सिलसिला शुरू हो गया।