क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी बनी मोबाइल अस्पताल सेवा

HIGHLIGHTS

हर्षवर्धन श्रृंगला की पहल से उत्तरी बंगाल में ‘स्वास्थ्य क्रांति’, घर-घर पहुंच रही ‘मोबाइल अस्पताल’ सेवा

दार्जिलिंग वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त प्रयासों से 800 से अधिक मरीजों को मिली चिकित्सकीय सुविधा

एनई न्यूज भारत, सिलीगुड़ी

उत्तर बंगाल के दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ घर तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है राज्यसभा सदस्य सदस्य हर्षवर्धन श्रृंगला ने सांसद की एक पहल से ग्रामीण इलाकों में घर की दहलीज तक ना केवल मोबाइल अस्पताल सेवा पहुंची वरन सैकड़ों ग्रामीणों का इलाज संभव हो पाया। ग्रामीण इलाके के लिए जीवनदायिनी बनी यह योजना अपने मूलभूत लक्ष्यों को पूरा करने में सफल साबित हो रही है।

जानकारी के अनुसार, दार्जिलिंग वेलफेयर सोसाइटी ने बीडीजी ग्रुप, बीडीजी रमेश गोयल सेवा संस्थान और आनंदलोक अस्पताल के सहयोग से बीडीजी लोटस टीएमटी बार मेडिकल बस लॉन्च की है। यह पूरी तरह से सुसज्जित चलती-फिरती यूनिट स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे ज़रूरतमंदों के दरवाजे तक ले जाएगी। हाल ही में यह मेडिकल बस बालासन कॉलोनी, पाथरघाटा, तूना मोड़ और नक्सलबाड़ी जैसे प्रमुख स्थानों की चार दिवसीय यात्रा पर निकली थी। इस दौरान इसने सामान्य जांच, आंख और दांत की देखभाल, ईसीजी, पैथ लैब और एक्स-रे जैसी ज़रूरी सुविधाएं प्रदान कीं। इस अभियान में 800 से अधिक मरीज़ों का इलाज किया गया। यह मोबाइल यूनिट उन लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हुई जिनकी पहुंच अस्पताल तक सीमित थी।

हर्ष वर्धन श्रृंगला बोले, दूरदराज तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने की प्रतिबद्धता

राज्यसभा सांसद और दार्जिलिंग वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष, हर्ष वर्धन श्रृंगला ने इस पहल पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “यह मेडिकल बस इस बात का प्रमाण है कि हम दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दार्जिलिंग वेलफेयर सोसाइटी और हमारे भागीदारों के प्रयास सराहनीय हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि स्वास्थ्य सेवा हर किसी के लिए सुलभ हो, खासकर उन वंचित क्षेत्रों में जहाँ के लोग लंबे समय से सुविधाओं से वंचित थे।”

इस मेडिकल बस ने स्थानीय निवासियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी मेडिकल बस ने ग्रामीणों को कई तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की। सामान्य स्वास्थ्य जांच: 431 मरीज़, आंखों की जांच: 414 मरीज़ और दांत का उपचार: 31 मरीज़ों का उपचार किया गया। इसके अलावा, मरीज़ों को ज़रूरी दवाइयाँ, सिरप और चश्मे भी दिए गए। बस में ईसीजी और एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध होने से व्यापक जाँच संभव हो पाई। यह पहल ग्रामीण भारत के विकास के संदर्भ में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए ऐसे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के महत्व को उजागर करती है।