असम विकसित भारत-2047 के विज़न की ओर अग्रसर: निर्मला सीतारमण

HIGHLIGHTS

असम ने राज्य में सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई स्थापित करके देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई

परियोजना से लगभग 15,000 प्रत्यक्ष और 11,000-13,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित की उम्मीद

युवा आगे आएँ, जोखिम उठाएँ और देश के आर्थिक विकास में योगदान के लिए अपने उद्यम शुरू करें

एनई न्‍यूज भारत, गुवाहाटी (असम)

भारत सरकार के केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम के मोरीगांव जिले के जगीरोड में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) परियोजना स्थल का दौरा किया, जो एक अग्रणी पहल है जो पूर्वोत्तर में भारत की पहली सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा को चिह्नित किया है।

नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना

असम में एक कार्यक्रम में देश की वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ज़ोर देकर कहा कि असम ने राज्य में सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई स्थापित करके देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। यह असम की औद्योगिक नीति में दूरदर्शिता और गतिशीलता को बढ़वा देती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ दस दिन पहले ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुसंधान और विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कोष का शुभारंभ किया था। यह कोष न केवल सरकारी संस्थानों के लिए, बल्कि देश भर के निजी क्षेत्र की संस्थाओं के लिए भी नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए सुलभ है।

वित्त मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह की दूरदर्शी पहल नवाचार, उद्यमिता और रोज़गार के एक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगी, जिससे असम 'विकसित भारत @2047' के विज़न की ओर अग्रसर होगा। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वित्‍त मंत्री का स्‍वागत किया है। इसके साथ ही शंकरदेव विद्या निकेतन, चराईबाही, मोरीगांव के विद्यार्थियों के साथ निर्मला सीतारमण ने भी राष्ट्र द्वारा अपने राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सामूहिक रूप से वंदे मातरम के गायन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस परियोजना से 26 हजार से अधिक नौकरियां होंगी पैदा

असम में टाटा सेमीकंडक्टर परियोजना 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित की जा रही है। इसके पूरा होने के बाद प्रतिदिन 48 मिलियन सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन होने की उम्मीद है। इसमें फ्लिप चिप और इंटीग्रेटेड सिस्टम-इन-पैकेज (आईएसआईपी) जैसी उन्नत पैकेजिंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा और यह देश की प्रमुख उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण सुविधाओं में से एक बनने के लिए तैयार है। इस परियोजना से लगभग 15,000 प्रत्यक्ष और 11,000-13,000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। ओएसएटी परियोजना भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

वित्‍तमंत्री ने युवाओं से की बातचीत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ परियोजना की देखरेख कर रहे अधिकारियों से बातचीत की और इसकी प्रगति की समीक्षा की। बाद में, उन्होंने 'एंटरप्राइज़ असम-विकसित भारत @2047' नामक एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया, जिसमें उन्होंने राज्य भर के 200 से अधिक छात्रों, स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों के साथ बातचीत की। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, उन्होंने असम के उभरते औद्योगिक और नवाचार परिदृश्य में युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय अपार अवसर प्रदान करता है। एक औद्योगिक इकाई स्थापित होने के बाद, कई परिधीय उद्योग उभरने की संभावना रखते हैं। जिससे युवाओं के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे। असम विकास के स्वर्णिम क्षण का साक्षी बन रहा है, और मैं युवाओं से आग्रह करती हूँ कि वे आगे आएँ, जोखिम उठाएँ और देश के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए अपने उद्यम शुरू करें।