• कविताओं से सजा महिला काव्य मंच का पश्चिम बंगाल इकाई सम्मेलन
• सिलीगुड़ी में 50 से अधिक कवियों की गूंज, सुबह से शाम तक कविता का उत्सव
एनई न्यूज भारत,सिलीगुड़ी : महिला काव्य मंच पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा सिलीगुड़ी में आयोजित कवि सम्मेलन एक ऐतिहासिक आयोजन साबित हुआ। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस कार्यक्रम में देशभर के 50 से अधिक कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में संचित देवनाथ, सविता मिश्रा, डॉ. ओम प्रकाश पाण्डे, सुलेखा सरकार, रवींद्र जैन, करण सिंह जैन, रोमा छेत्री, संजय टिबरेवाल, आरती सिंह (अध्यक्ष महिला काव्य मंच पश्चिम बंगाल इकाई, कोलकाता), तारकेश्वर मिश्र, सत्येन बनर्जी, डॉ. बबिता अग्रवाल कंवल, अंजना शर्मा, कृष्णा प्रधान, सुनिल सिंघल और श्रीराम पेराडाइज उपस्थित रहे।
संस्था से काव्यपीठ मंच कालजयी मंच, विद्यापति मंच, लायंस क्लब ऑफ उत्तरायण विवन्स,युवा जागृति संघ,तेरापंथ महिला समाज,मारवाड़ी सेवा पैलेस, मारवाड़ी सेवा परिवार , गुरुकुल,गायत्री परिवार,तिरता हिमालय,हिन्दी बालिका विद्यापीठ,निःस्वार्थ सेवा और रंगमंच की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के सहयोग में योगेश अग्रवाल, मनोज जाजोदिया,विजय लोहिया, रतन बिहानी, मनीष गोयल, संजय गोलचा, ललित अग्रवाल और प्रो॰ राजेन्द्र कुमार गुप्तामहिला काव्य मंच के मंच पर इस बार एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। कवि-श्रोताओं की ऊर्जा ऐसी थी कि सुबह से शाम तक कोई भी अपनी कुर्सी से नहीं हटा। यहां तक कि कुछ प्रतिभागी भोजन करते हुए भी कविताओं का आनंद लेते रहे।
इकाई : अंतरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच, सिलीगुड़ी इकाई , अंतरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच, आसनसोल इकाई अंतरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच, कोलकाता उत्तरी इकाई और वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच, सिलीगुड़ी इकाई
वर्तमान में इस संस्था से 70 सदस्य जुड़े हुए हैं और नई पीढ़ी से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक सक्रिय रूप से इसमें भाग ले रहे हैं। संस्था का उद्देश्य स्पष्ट है—“मन से मंच तक का सफर तय करना चाहने वाली हर स्त्री और साहित्य प्रेमी का स्वागत है।” मंच प्रतिमाह कवि सम्मेलन का आयोजन करता है, चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन।
यह कवि सम्मेलन न केवल साहित्यिक उत्सव था बल्कि यह संदेश भी दे गया कि कविता जीवन की धड़कन है, और इसे जीने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती।



