• श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर निकली ऐतिहासिक नगर कीर्तन यात्रा असम से आरंभ होकर 21 राज्यों और 35 ज़िलों से होते हुए नवंबर में अमृतसर पहुँचेगी
• दिल्ली से आनंदपुर साहिब तक भाई जटा जी के साहसिक मार्ग का पुनर्स्मरण जमशेदपुर में सजेगा भव्य स्वागत, 200 से अधिक कीर्तन जत्थे और पवित्र धरोहरों के दर्शन कराए जाएंगे
एनई न्यूज भारत,सिलीगुड़ी : श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ को समर्पित विशाल शहीदी नगर कीर्तन यात्रा का भव्य आगमन शुक्रवार की देर रात सिलीगुड़ी में हुआ। यह ऐतिहासिक यात्रा असम के धुबरी साहिब गुरुद्वारे से प्रारंभ होकर देशभर के 21 राज्यों और 35 जिलों से गुजरते हुए नवंबर माह में अमृतसर पहुंचेगी।
आज सिलीगुड़ी शहर में निकाली गई नगर कीर्तन यात्रा में करीब 220 श्रद्धालु, जिनमें महिलाएं, पुरुष व बच्चे शामिल थे । यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा के साथ गुरुद्वारों में किया गया। विशेष आकर्षण रहा भारतीय सेना के बैंड का भावपूर्ण प्रदर्शन, जिसने संगत का मन मोह लिया। बच्चे अलग-अलग परिधानों में नज़र आए और कई ने करतब दिखाकर सबका ध्यान आकर्षित किया।
चंडीगढ़ की सेंट्रल गुरु सिंह सभा और लुधियाना की ज्ञान प्रगास ट्रस्ट भी इस यात्रा की सहयोगी संस्थाएँ हैं। इस यात्रा का एक चरण 3 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से प्रारंभ होकर 5 अक्टूबर को आनंदपुर साहिब में सम्पन्न होगा। यह मार्ग वही है, जिस पर भाई जैता जी ने अदम्य साहस दिखाते हुए दिल्ली से गुरु तेग बहादुर जी का शीश आनंदपुर साहिब तक पहुँचाया था।
सीजीपीसी चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि इस अवसर पर पवित्र अवशेष, ऐतिहासिक शस्त्र व सिख साहित्य भी प्रदर्शित किए जाएंगे। वहीं, सीजीपीसी पदाधिकारी गुरमीत सिंह टोता ने बताया कि यात्रा का रातभर ठहराव टेल्को गुरुद्वारा साहिब में होगा, जहाँ लगातार कीर्तन, कथा-प्रवचन और लंगर का आयोजन चलेगा। लगभग 200 कीर्तन जथों और कथावाचकों की सहभागिता इस ऐतिहासिक आयोजन को और भव्य बनाएगी।
सीजीपीसी ने युवाओं से अपील की है कि वे निशान साहिब लेकर यात्रा में शामिल हों, लेकिन किसी भी तरह के खतरनाक स्टंट से बचें।
गुरु तेग बहादुर जी की यह शहादत यात्रा मानवता की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के संदेश को पुनः जीवंत करती है। नवंबर तक देशभर से लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा से जुड़ने की उम्मीद है।



