HIGHLIGHTS
चमन भारतीय का साहित्यिक प्रयास मात्र एक लेखन नहीं, बल्कि एक साधना है। जो शब्दों के माध्यम से आशाओं, आदर्शों और उद्देश्यों को जीवन देती है। उनकी रचनाएँ किसी उपदेश की तरह नहीं, बल्कि मित्रवत संवाद की तरह पाठकों के हृदय से बात करती हैं। यही कारण है कि उनकी लेखनी न केवल पढ़ी जाती है, बल्कि महसूस की जाती है।
चमन की लेखनी में जीवन की सच्चाइयाँ, संघर्षों की ज्वाला और भावनाओं की सौम्यता एक साथ प्रवाहित होती है
"नादान परिंदे" कहानी संग्रह नहीं, यह उन सपनों की उड़ान है जो छोटे-छोटे बालमन के आत्मबल की लौ जलाती
"लहरें" के बाद "कलम की उड़ान" पाठकों के हृदय का सितारा बनी, अब नादान परिंदे भी पाठकों को है समर्पित
एनई न्यूज भारत, फीचर डेस्क, सिलीगुड़ी
व्यक्ति के जीवन का अनुभवों जब तपिश की आँच में तपता है, और जब संवेदनाएँ आत्मा की गहराइयों से उठती हैं, तब वह शब्द केवल शब्द नहीं रहते, वह जीवन की आवाज़ बन जाते हैं। ऐसे ही एक संवेदनशील और समर्पित साहित्यकार हैं चमन भारतीय, जिनकी लेखनी में जीवन की सच्चाइयाँ, संघर्षों की ज्वाला और भावनाओं की सौम्यता एक साथ प्रवाहित होती हैं। उत्तर प्रदेश की पुण्यभूमि गाज़ियाबाद से संबंध रखने वाले चमन भारतीय ने अपनी पहली काव्य कृति "लहरें" और दूसरी अनुपम रचना "कलम की उड़ान" के माध्यम से पाठकों के हृदय में जो स्थान बनाया, वह आज साहित्य के आकाश में उनकी पहचान का सितारा बन चुका है।
"लहरें" जहां भावनाओं के माध्यम से तरंगों का मर्म स्पंदित करती है। वहीं "कलम की उड़ान" में शब्दों ने उड़ने के लिए आशाओं को पंख दे दिए। इन दोनों रचनाओं को पाठकों से मिले असीम स्नेह, समर्थन और सराहना ने उनकी रचनात्मक ऊर्जा को नया आयाम दिया है। उसी ऊर्जा से जन्मी यह प्रेरणादायक बालकथा पुस्तक "नादान परिंदे"।
"नादान परिंदे" केवल कहानियों का संग्रह नहीं, यह उन सपनों की उड़ान है जो छोटे-छोटे बालमन में पलते हैं। यह उन संघर्षों की दास्तान है जो बच्चों को जीवन के गहरे सबक सिखाते हैं। ये कहानियाँ बच्चों को सिर्फ़ मनोरंजन नहीं देतीं, बल्कि उनके भीतर संवेदना, साहस और आत्मबल की लौ जलाती हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि "नादान परिंदे" में समाहित ये नन्ही कहानियाँ न सिर्फ बच्चों को आनंदित करेंगी, बल्कि उन्हें जीवन में कुछ कर गुजरने की प्रेरणा भी देंगी। यदि इस पुस्तक की कोई एक कहानी भी किसी बालक के मन में साहस, करुणा या संघर्ष की लौ जगा सके, तो इस प्रयास की सफलता अपने आप सिद्ध हो जाएगी। वहीं साहित्य का उद्देश्य केवल शब्द रचना नहीं, आत्मा से आत्मा तक की यात्रा है और "नादान परिंदे" उसी यात्रा की एक नई उड़ान है।



