दवाओं पर जीएसटी बढ़ने के विरोध में टीएमसी ने निकाली रैली

मेडिकल बीमा जीएसटी दरों में वृद्धि के केंद्र के फैसले के विरोध में लगाये नारे की कड़ी निंदा

एनई न्यूज भारत, सिलीगुड़ी
तृणमूल कांग्रेस ने आवश्यक दवाओं की कीमतों में वृद्धि के विरोध में और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा व शासित केंद्र सरकार के खिलाफ सिलीगुड़ी और नक्सलबाड़ी 1बागडोगरा राजपथ पर विरोध मार्च निकाला। जबकि दूसरी ओर सेवक रोड के पीसी मित्ताल बस स्टैंेड से सेवक रोड पर एमएमआईसी मुन्नाड प्रसाद के नेतृत्व ने भी रैली निकाली गई।


मालूम हो कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आवश्यक दवाओं की कीमतों और मेडिकल बीमा जीएसटी दरों में वृद्धि के केंद्र के फैसले की कड़ी निंदा की। राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 4 और 5 अप्रैल को शाम 4 बजे से 5 बजे तक बंगाल के हर ब्लॉक और वार्ड में प्रदर्शन करेगी। ममता बनर्जी के अनुसार 700 से अधिक दवाओं की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर चिकित्सा बीमा पर जीएसटी लगाए जाने पर चिंता व्यक्त की थी। क्या यह फैसला उन लोगों के लिए है जो इलाज पर करोड़ों खर्च कर सकते हैं? क्या सरकार को आम लोगों के लिए काम नहीं करना चाहिए? बनर्जी ने केंद्र की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए सवाल किया था। बनर्जी ने कहा है  कि तृणमूल कांग्रेस इस अमानवीय निर्णय के विरोध में 4 और 5 अप्रैल को बंगाल के प्रत्येक ब्लॉक और वार्ड में प्रदर्शन करेगी। उन्होंने इस कदम के खिलाफ जमीनी स्तर पर और विधायी स्तर पर लड़ने का तृणमूल कांग्रेस का संकल्प दोहराया।


जीएसटी के विरोध रैली की अगुवाई नक्सलबाड़ी 1 बागडोगरा तृणमूल कांग्रेस के अध्यटक्ष पापीया घोष ने किया। जबकि वार्ड 41 के पीसी मित्तरल बस स्टैंाड से निकली रैली का नेतृत्व एमएमआईसी मुन्नाक प्रसाद के ने किया। जो पीसी मित्त ल से सेवक रोड होते हुए निकाली गई। जिसमें पार्षद 41 की पार्षद सि‍विका मित्तल,  43 के पार्षद सुकदेव महतो, मेयर गौतम देब, डिप्टीे मेयर रंजन सरकार,  दुलाल दत्त, रंजनशील शर्मा समेत अनके भाजपा नेता मौजूद थे। इस बावत एमएमआईसी मुन्ना प्रसाद ने चिकित्सा बीमा पर जीएसटी लगाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र की सरकार गरीब विरोधी है और दवाओं और चिकित्सा बीमा पर जीएसटी लगाने से गरीबें को काफी नुकसान होगा।