ड्रग फ्री डुआर्स दिवस’ के आयोजन की तैयारियाँ जोरों पर

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एलनबाड़ी से कुमारग्राम और तिस्ता से संकोश नदी तक डुआर्स में ‘ड्रग फ्री डुआर्स दिवस’ मनाने की हो रही तैयारी

एनई न्‍यूज भारत, सिलीगुड़ी

आगामी 3 अप्रैल, 2026 (शुक्रवार) को पूरे डुआर्स क्षेत्र में नशामुक्ति दिवस मनाने का आह्वान डुआर्स दिवस उत्सव समिति ने किया है। चुनाव की आहट शुरू हो चुकी है। राजनीतिक नेता और जनप्रतिनिधि पहले ही हाथ जोड़कर रोज़ाना मतदाताओं तक पहुँच रहे हैं। प्रचार का स्वर दिन-ब-दिन तेज़ होता जा रहा है। इसी बीच, एक अलग तरह के गैर-राजनीतिक अभियान में डुआर्स के कई सामाजिक संगठन, क्लब और व्यक्ति सक्रिय हो गए हैं।

3 अप्रैल को एलनबाड़ी से कुमारग्राम और तिस्ता से संकोश नदी तक पूरे डुआर्स में ‘ड्रग फ्री डुआर्स दिवस’ मनाने की तैयारियाँ चल रही हैं। डुआर्स को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से डुआर्स दिवस उत्सव समिति की ओर से यहाँ के विभिन्न क्लबों, सामाजिक संस्थाओं और जनसंगठनों से अपील की गई है कि वे इस दिन को अपने-अपने बैनर के तहत, अपने प्रयासों से मनाएँ। गुड फ्राइडे के राष्ट्रीय अवकाश को एक शुभ कार्य के रूप में मनाने के उद्देश्य से नशा-विरोधी चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, पदयात्रा, जनसभा, एक दिवसीय फुटबॉल- वॉलीबॉल प्रतियोगिता, महिलाओं के लिए लूडो प्रतियोगिता सहित कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। इस पहल में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग जुड़ रहे हैं।

डुआर्स दिवस उत्सव समिति के संस्थापक सचिव डॉ. पार्थप्रतिम कहते हैं कि “स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसे क्षेत्रों में डुआर्स देश के अन्य हिस्सों की तुलना में पीछे है। ऐसे में नशे की समस्या घाव पर नमक छिड़कने जैसी है।”

पहले ही धूपगुड़ी के रंगकर्मी उत्पल चौधुरी और मालबाजार के सुधांशु विश्वास ने नशा-विरोधी नुक्कड़ नाटक लिखे हैं। कालचिनी के राम कुमार राणा और माला खारिया ने सादरी भाषा में कविताएँ लिखी हैं। बंगाली में माल महाविद्यालय के प्रोफेसर चंदन खाँ ने रचनाएँ की हैं। बनारहाट के स्नेहदीप, उत्तरा और उपल ने कई लघु कहानियाँ लिखी हैं। सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर पोस्टर, स्लाइड और रील तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर धीरे-धीरे फैलाया जा रहा है।

डुआर्स में स्थित लायंस क्लब (डिस्ट्रिक्ट-322F) ने भी इस दिन को मनाने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। लायंस क्लब इंटरनेशनल के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर केदार गजमीर ने बताया कि वे इस समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं। समिति के कोषाध्यक्ष विजय प्रकाश पांडे कहते हैं कि “ड्रग्स की लत केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही नुकसान नहीं पहुँचाती, बल्कि माता-पिता और परिवार के वर्षों पुराने सपनों को भी चकनाचूर कर देती है।”

नागराकाटा सांस्कृतिक मंच लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय है। इस संदर्भ में संपादिका केया बनर्जी कहती हैं कि “किसी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त से मुक्त करना एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन हम चाहते हैं कि पूरे डुआर्स में इस प्रयास की शुभ शुरुआत हो।”

विभिन्न प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने अलग-अलग भाषाओं में वीडियो संदेशों के माध्यम से नशामुक्ति दिवस मनाने का आह्वान किया है। अमेरिका के वर्जीनिया से डुआर्स के मूल निवासी आईटी विशेषज्ञ सुभ्रत गुहा ने इस प्रयास की सफलता की कामना करते हुए सहयोग का हाथ बढ़ाया है। प्रख्यात वाचिक कलाकार देवाशीष भट्टाचार्य, पूर्व सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भूपेंद्र रसाइली, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त स्वास्थ्यकर्मी सोनाली सामंत सहित कई लोगों ने वीडियो संदेशों के माध्यम से इस दिन के महत्व को समझाया है।

आयोजकों की इच्छा है कि कम खर्च में विभिन्न क्लब और संस्थाएँ इस दिन को मनाएँ। डुआर्स दिवस उत्सव समिति के अध्यक्ष हाजी गुलजार कहते हैं कि “रमज़ान के महीने में हम नमाज़ के दौरान भी नशामुक्ति के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं।” यह पहल निश्चित रूप से आवश्यक है, इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन चुनावी अपीलों के बीच यह लोगों के दिलों को कितना छू पाएगी, इसका जवाब शायद समय ही देगा।