HIGHLIGHTS
2025 में सुप्रीम कोर्ट के 10 ऐतिहासिक फैसले
अरावली पहाड़ के फैसले पर गर्म हुआ था राजस्थान
अस्पताल में मरीज को हथकड़ी लगाने पर लगी रोक
बुलडोजर एक्शन के दुरुपयोग से सुप्रीम कोर्ट सख्त
आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
एनई न्यूज भारत, फीचर डेस्क, सिलीगुड़ी
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2025 में कई ऐतिहासिक फैसले दिए है। यह फैसले नागरिक अधिकारों, पर्यावरण और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने वाले साबित हुए। इनमें अस्पताल में भर्ती आरोपी को हथकड़ी लगाने पर जहां रोक लगाकर कर मानव गरिमा की रक्षा करना शामिल है। वहीं, खासकर यूपी के सीएम योगी समेत देश के अन्य राज्यों में बुलडोजर एक्शन के दुरुपयोग पर सख्ती बरती गई। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध तोड़फोड़ को असंवैधानिक बताया। जबकि अन्य प्रमुख फैसलों में आवारा कुत्तों का प्रबंधन, वक्फ संशोधन पर स्टे न देना, सिविल जजों की नियुक्ति में समय सीमा तय करना शामिल हैं। यह फैसले संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाले साबित हुए।
इलाज के वक्त इंसान की गरिमा सबसे ऊपर
सुप्रीम कोर्ट ने सबसे पहले 11 फरवरी 2025 के अपने फैसले में कहा कि ICU में भर्ती मरीज को हथकड़ी या जंजीर से बांधना गलत है। चाहे अपराध कितना भी बड़ा हो, इलाज के वक्त इंसान की गरिमा सबसे ऊपर है।
लॉटरी टैक्स सिर्फ राज्यों का हक
वहीं, 11 फरवरी 2025 को ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि लॉटरी पर टैक्स लगाने का अधिकार सिर्फ राज्यों का है, केंद्र की सरकार का नहीं है। यह संविधान की राज्य सूची में आता है और मतलब यह कि लॉटरी के मामले में अब राज्यों की ताकत बरकरार रहेगी।
महिला अधिकारियों को स्थायी आयोग
सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई 2025 को कहा कि महिलाओं को सिर्फ स्टाफ रोल तक सीमित रखना गलत है। उन्हें स्थायी आयोग और कमांड रोल्स में बराबर मौका मिलना चाहिए। जिससे महिलाओं को तेजी से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
आवारा कुत्तों का प्रबंधन होना जरूरी
स्ट्रीट डाग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को आवारा कुत्तों को लेकर बड़ा फैसला दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में 11 अगस्त के उस निर्देश में संशोधन किया है, जिसमें आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें शेल्टर होम में रखने की बात कही गई थी। कोर्ट ने आज अपने फैसले में कहा कि केवल बीमार और आक्रामक कुत्तों को ही शेल्टर होम में रखा जाएगा।
घर का अधिकार
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितंबर 2025 को कहा कि घर होना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। सरकार को सस्ते घरों की योजनाओं में निवेश बढ़ाना होगा और RERA को सरल करना होगा। ताकि मकान का सपना संजोये वालों को सस्ते दर मकान की छत मिल सके।
जिला जज बनने के लिए 7 साल का अनुभव
सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर 2025 को कहा कि जिला जज बनने के लिए वकालत और जज की नौकरी मिलाकर 7 साल का अनुभव हो तो आप जिला जज बन सकते हैं। इसके साथ जिला जज बनने की योग्यता रखने वालों की न्यूनतम उम्र 35 साल होगी।
नोटिस, सुनवाई और अपील को मिले मौका, बुलडोजर एक्शन पर रोक
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में बुलडोजर एक्शन काफी चर्चीत रहा है। जिसको देखते हुए अन्य राज्य भी बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिये जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर 2024 के आदेश को 2025 में लागू किया गया। इस फैसले के मुताबिक बिना कोर्ट प्रोसेस के घर तोड़ना बैन है। नोटिस, सुनवाई और अपील का पूरा मौका मिलेगा। नियम तोड़ने वाले अफसर खुद जिम्मेदार होंगे।
बिजनेस डील्स 24% ब्याज दर मान्य
18 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी कॉन्ट्रैक्ट में दोनों पक्षों ने 24% ब्याज दर पर सहमति दी है, तो कोर्ट इसे सिर्फ 'ज्यादा' कहकर रद नहीं कर सकती। मतलब, जो डील दोनों ने मिलकर तय की है, वो मान्य रहेगी।
अरावली की नई परिभाषा
आरवाली की पहाड़ों में खुदाई के लिए कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को कहा अरावली रेंज में सिर्फ वही पहाड़ आएंगे जो जमीन से 100 मीटर ऊंचे हैं। इससे 90% हिस्सा सुरक्षा से बाहर हो सकता है और पर्यावरण पर खतरा बढ़सकता है।
सोशल मीडिया पर AI स्क्रीनिंग जरूरी
वहीं दूसरी ओर 28 नवंबर 2025 को कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर चलने वाले हानिकारक कंटेंट रोकने के लिए AI से पहले ही स्क्रीनिंग होगी। ये काम सरकार नहीं, एक स्वतंत्र बॉडी करे ताकि जनमानस का फ्री स्पीच बनी रहे।



