एनबीयू के उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्य से परिचित हूँ: प्रो. मूर्ति

HIGHLIGHTS

उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय में एफएमएसटीएआई–2025 का शुभारंभ-समापन

आईआईटी, विभा विवि सहित अमेरिका, चीन व वियतनाम लोग हुए शामिल

एनई न्‍यूज भारत, सिलीगुड़ी

उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय (एनबीयू)  के गणित विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “फ्रंटियर इन मैथमेटिकल साइंस: थ्योरी, एप्लिकेशंस एंड इनोवेशन (FMSTAI–2025)” का सोमवार को विधिवत उद्घाटन किया गया। 22 से 24 दिसंबर, 2025 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश–विदेश के प्रख्यात गणितज्ञों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं युवा विद्वानों की भागीदारी हो रही है।

सम्मेलन में शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त गणित, गणितीय मॉडलिंग, डेटा साइंस, संगणकीय तकनीक तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में गणित के नवीन अनुप्रयोगों जैसे समकालीन विषयों पर चर्चा की जा रही है। तकनीकी सत्रों के माध्यम से युवा शोधकर्ताओं को अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने और अकादमिक सहयोग के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।इस अवसर पर सम्मेलन के संयोजक एवं गणित विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप चंद्र प्रमाणिक ने कहा कि एफएमएसटीएआई–2025 विश्वविद्यालय के शोध परिवेश को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध हो रहा है तथा वरिष्ठ शोधकर्ताओं और युवा शिक्षाविदों के बीच सार्थक संवाद को प्रोत्साहित कर रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आईआईटी खड़गपुर के प्रो. पी. वी. एस. एन. मूर्ति ने कहा, “मुझे इस सम्मेलन में भाग लेकर तथा विभाग का भ्रमण कर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। विभाग द्वारा किए जा रहे उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्य से मैं भली-भांति परिचित हूँ।”

आयोजन समिति ने सभी स्वीकृत शोध पत्रों के सारांशों को समाहित करते हुए आईएसबीएन युक्त ‘बुक ऑफ एब्स्ट्रैक्ट्स’ के प्रकाशन की भी घोषणा की। सम्मेलन के कोषाध्यक्ष डॉ. सुजय कुमार बिस्वास ने सम्मेलन के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान करने हेतु एएनआरएफ एवं सीएसआईआर के प्रति आभार व्यक्त किया।

एफएमएसटीएआई–2025 में आईआईटी, आईआईएससी, टीआईएफआर, एनआईटी, विश्व-भारती विश्वविद्यालय सहित अमेरिका, चीन और वियतनाम के विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्रतिभागी सम्मिलित हो रहे हैं। आयोजकों ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सफल आतिथ्य के लिए डॉ. संजय कुमार घोषाल एवं डॉ. कल्याण साहा के योगदान की सराहना की तथा उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान में उत्कृष्टता के प्रति उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।