कोयला के काले कारोबार हाथ काला कर रहा यूपी जीएसटी ?

HIGHLIGHTS

एक माह में भी जीएसटी का सत्‍यापन नहीं कर सका लखनऊ जीएसटी विभाग

तोलाबाज सिंडिकेट इशारे पर उत्‍तर प्रदेश जीएसटी भी तो नहीं कर रही काम ?

जीएसटी सत्‍यापन रिपोर्ट नहीं आने यूपी जीएसटी को लगा रहा आईटीसी का चूना

एनई न्‍यूज भारत, सिलीगुड़ी/पटना

पूर्वोत्‍तर के राज्‍यों के अलावा धनबाद से पश्चिम बंगाल के रास्‍ते कोयले का काला करोबार का गोरख धंधा धड़ल्ले से परवान चल रहा है। जहां अवैध खनन व कोलडंपों से लूट के बाद कोयले को खुलेआम सड़क मार्ग के‌ जरिए बिहार, बंगाल और यूपी के मंडी में भेजा जा रहा है। वहीं, सड़क मार्ग से इस गोरखधंधे को रोकने का जिम्मा खासकर सीजीएसटी और राज्‍य के जीएसटी की होती है। हालांकि पश्चिम बंगाल की एसजीएसटी के कुछ क्षेत्र फेक बिल पर कोयले की खेप पेपर में उत्‍तर प्रदेश के लिए भेजते हैं, लेकिन वह कोयला पश्चिम बंगाल और बिहार में उतार दिया जाता है। जिसके कारण उत्‍तर प्रदेश राज्‍य कर की आईटीसी का फायदा उत्‍तर प्रदेश में रजिर्स्‍टड जीएसटी फर्म उठा रही है। सूत्रों की माने तो कोयले के काले कारोबार में सबसे बड़ा योगदान पश्चिम बंगाल के तोलाबाज सिंडिकेट का है। जिसमें उत्‍तर प्रदेश राज्‍य कर विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है।

क्‍या है पूरा मामला

सूत्र बताते हैं कि एसजीएसटी में दर्ज फर्म गुवाहाटी जोन-4 की फर्म मेसर्स के एल इंटरप्राइजेज जीएसटी 18CLUPN0166M1ZC और उत्‍तर प्रदेश में दर्ज जीएसटी,U 09HDAPS3701N1Z5 राम इंटरप्राइजेज लखनऊ के जोन 3 में रजिस्‍टर्ड है। एसजीएसटी सिलीगुड़ी में इन कथित फर्म की एक गाड़ी कोयले को बीत 25 नवंबर को सिलीगुड़ी में जांच के लिए रोका था। विभाग को फर्जी फर्म होने के कारण उपरोक्‍त दोनों फर्मो की जांच के लिए एसजीएसटी गुवाहाटी और एसजीएसटी लखनऊ को एसजीएसटी पश्चिम बंगाल को नियमानुसार 28 नवंबर को जांच के लिए मेल किया था। हालांकि सूत्र बताते हैं मेल के बाद गुवाहटी की जीएसटी में विभाग ने आईटीसी चोरी की आशंका पर 18CLUPN0166M1ZC को रद्द कर दिया जिससे राज्‍य के आईटीसी का नुकसान ना हो सके। सबसे अहम बात यह है कि यूपीजीएसटी को बार-बार अनुरोध के बाद भी अभी तक 09HDAPS3701N1Z5 राम इंटरप्राइजेज लखनऊ के बारे में कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं दिया। जबकि सूत्र बताते हैं कि इन 25 दिनों के दौरान करीब 50 से अधिक कोयले की गाड़ी पश्चिम बंगाल के रास्‍ते गुजर चुकी हैं और अधिकतर बिलिंग डिस्‍टेंस के पहले ही खाली हो रही है। जिससे यूपीजीएसटी को आईटीसी का नुकसान हो रहा है।    

सिंडिकेट के तोलाबाजों में कोई खौफ नहीं

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खासकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र में तोलाबाज सिंडिकेट का दबदबा है। जिसके कारण करीब-करीब सभी विभाग सकते में रहते हैं। इसलिए कोयला के काले कारोबारी, सुपारी, स्‍क्रैप समेत अन्‍य वस्‍तुओं को बेखौफ धड़ल्‍ले से पास कराया जाता है। हालांकि कुछ मामलों में राज्‍यकर विभाग और सीजीएसटी के ईमानदार अधिकारी कार्रवाई करते हैं, परंतु उस पर बड़े अधिकारियों के दबाव के कारण बेबस हैं।

एम देवराज के स्‍थानांतरण पर सिंडिकेट ने मनाया जश्‍न

यूपी के तेजतर्रार और स्‍वच्‍छछवि के पूर्व वित्‍त सचिव एम देवराज का जब स्‍थानांतरण हुआ था तो पश्चिम बंगाल के सिंडिकेट और तोला बाजों ने जश्‍न मनाया था। क्‍योंकि एक-एक सुपारी की गाडि़यों पर नजर रखने वाले एम देवराज ने दिवाली के आसपास करीब 30 सुपारी की गाडि़यों को पकड़कर सुपारी कारोबार में हलचल पैदा कर दिया था। यही कारण है कि जब उनका वित्‍त सचिव के पद से स्‍थानांतरण किया गया तो सुपारी कारोबारियों ने जश्‍न मनाया और मिठाईयां बाटी गई। 

बदलते बिहार ने कोयल काले कारोबार पर पुलिस ने कसी नकेल

बिहार के गया पुलिस अधिक्षक की कोयले के काले कारोबार पर नकेल कसते हुए त्वरित बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान विशेष छापेमारी अभियान में आमस थाना क्षेत्र से अवैध खनन तथा परिवहन में संलिप्त अवैध कोयला लदे कुल 06 ट्रकों के साथ 04 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार साथ ही दो इन्ट्री माफियाओं को भी चिन्हित किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक, गया के निर्देशन में गया पुलिस के द्वारा जिला में अवैध खनन तथा परिवहन पर पूर्णतः रोकथाम लगाने हेतु अवैध खनन एवं ओवरलोडिंग में संलिप्त खनन माफियाओं के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई हेतु लगातार विशेष छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसीक्रम में 14.12.2025 को आमस थाना को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि डोभी की ओर से भारी मात्रा में अवैध रूप से कोयला लदे कुछ ट्रक आमस थाना क्षेत्र से परिवहन की जा रही है। इस मामले की गंभीरता को लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, शेरघाटी-01 एवं जिला परिवहन पदाधिकारी, गया के संयुक्त नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम में जिला खनन पदाधिकारी, आमस थानाध्यक्ष सहित आमस थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल को शामिल किया गया।

विशेष टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए महापुर मोड़ के पास घेराबंदी की गई। पुलिस बल को अपनी ओर आता देख ट्रक छोड़कर कुछ व्यक्ति भागने लगे, जिन्हें सशस्त्र बलों द्वारा पीछा कर 04 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान अवैध रूप से कोयला लदे कुल 06 ट्रकों को जप्त किया गया। इस संबंध में आमस थाना कांड संख्या-348/25, दिनांक-14.12.2025, धारा-303 (2)/317 (2) बी0एन0एस0 एवं 21 mm (D*R) CPIMTS दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों द्वारा झारखंड से अवैध रूप से कोयला लाने एवं झारखंड बॉडर पार कराने वाले इन्ट्री माफियाओं की भी पहचान की गई है। वहीं, गया पुलिस अवैध खनन एवं अवैध परिवहन तथा इन्ट्री माफिया जैसी अपराधिक गतिविधियों पर शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कार्य कर रही है तथा दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध है।गया पुलिस द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन के विरूद्ध ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएगें।

गिरफ्तार अभियुक्‍तों में संजीव यादव, निर्मल यादव, तेन्दुआरा, भोला यादव, पुत्र रामबली यादव, बहलोलपुर, दोनों थाना चिरैयाकोट, मउ उतरप्रदेश के निवासी है। जबकि रमेश यादव पुत्र बुधिराम यादव, बहलोलपुर, थाना दुल्लाहपुर, गाजीपुर उतरप्रदेश, निर्भय यादव पुत्र स्व0 मिठु यादव, परोरिया थाना मजुरहां, चतरा झारखंड के निवासी हैं। इनके पास से अवैध कोयाला लदे ट्रक 6 को जब्‍त किया गया।