एसएसबी 8वीं वाहिनीं ने कई कल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन किया

एनई न्‍यूज भारत, सिलीगुड़ी

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 8वीं वाहिनी की ओर से सीमावर्ती क्षेत्र के युवति‍ओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 दिवसीय ब्यूटिशियन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। वाहिनी के कमांडेंट मितुल कुमार के निर्देशन में इसका शुभारंभ वाहिनी क्षेत्र के बागखोर में किया गया। यह प्रशिक्षण बागखोर में देशबंधु व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान सिलीगुड़ी द्वारा चलाया जाएगा, यह कार्यक्रम  मिरिक व इसके आस-पास  के कुल 35 युवतियों को 30 दिवसीय उन्नत व्यावसायिक ब्यूटिशियन प्रशिक्षण के लिए 18 दिसम्बर 2025 से 17 जनवरी 2026 तक प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया है।

जिससे सीमावर्ती क्षेत्र बागखोर व उसके आस-पास के युवति‍यां सुविधाजनक तरीके से अपने गांव में ही रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इस मौके पर उपस्थित समस्त प्रशिक्षु युवति‍यों को संबोधित करते हुए 8वीं वाहिनी के कमान्डेंट ने कहा कि सेवा सुरक्षा व बंधुत्व के मूल ध्येय वाक्य के साथ सशस्त्र सीमा बल आप सभी के सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण को शुभारंभ करने का मूल उद्देश्य है कि आप आत्मनिर्भर बनें और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रखंड विकास अधिकारी मिरिक (BDO) के देबोताम सरकार के बिच में स्थानीय युवतीयां के आत्मनिर्भर हेतु ये प्रशिक्षण एसएसबी के कमांडेंट मितुल कुमार के द्वारा कराया जा रहा है। इस अवसर पर सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी उप-कमांडेंट सह (प्रचालन/प्रचार अधिकारी) ओम प्रकास सिंह, सहायक कमान्डेंट निरीक्षक, राहुल नैन, समवाय प्रभारी बागखोर चन्द्रसैन कुमार एवं सहायक-अभियंता (बिजली विभाग मिरिक) ऋषि पाल, प्रधानाचार्य उच्च विद्यालय मिरिक के सुभास कान्ति, वन विभाग अधिकारी मिरिक बसंत अग्रवाल और उच्च विद्यालय मिरिक स्कूल स्थानीय ग्रामीणों लगभग 245 व सशस्त्र सीमा बल के कर्मी उपस्थित थे ।

कार्यक्रम में देशबंधु व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान की ओर से 30 दिवसीय ब्यूटिशियन प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम के बारे में उपस्थित समस्त प्रशिक्षुओं को विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही 8वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ समीर दास  CVO(SG)  का नेतृत्व में पशु चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमे आस-पास के गाँव के लोगों ने चिकित्सिये शिविर का लाभ उठाया।

तदोपरांत बच्चों को बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,एक भारत श्रेष्ठ भारत,स्वच्छ भारत अभियान एवं नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया गया व नशा ना करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही साथ विभिन्न अभियान के जागरूकता भी फैलाया गया।